Tamil Nadu: भाजपा से अलग हुए अन्नामलाई, बोले- आज से नई राजनीतिक यात्रा शुरू

दक्षिण भारत की राजनीति में सबसे बड़ा धमाका! तमिलनाडु बीजेपी के धाकड़ पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ नए राजनीतिक आंदोलन का एलान कर दिया है।

Tamil Nadu

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 5, 2026

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Tamil Nadu: तमिलनाडु की सियासत में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भाजपा से इस्तीफा देने के बाद अपनी नई राजनीतिक पारी का आधिकारिक शंखनाद कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) के जरिए जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने एलान किया कि वे राज्य में एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत करने जा रहे हैं, जो भविष्य में एक नई राजनैतिक पार्टी का रूप लेगा। अन्नामलाई ने इस कदम को तमिलनाडु के इतिहास में एक ‘नए रास्ते, नए आंदोलन और एक नई राजनीतिक यात्रा’ की शुरुआत बताया है।

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राजनीतिक लक्ष्यों को लेकर अन्नामलाई का दृष्टिकोण

अन्नामलाई ने अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए स्पष्ट किया कि अब उनके राजनैतिक उद्देश्य पहले की तुलना में कहीं अधिक बड़े और व्यापक हो चुके हैं। उनका मुख्य लक्ष्य अब राज्य के अधिक से अधिक लोगों को एक मंच पर लाकर आगे बढ़ना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भले ही उन्होंने भाजपा छोड़ दी हो, लेकिन भगवा दल में रहने के दौरान भी उन्होंने कभी तमिलनाडु की अनूठी पहचान, यहां की समृद्ध संस्कृति और राज्य के जल अधिकारों जैसे गंभीर व संवेदनशील मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया। वे हमेशा राज्य के हितों के लिए अडिग रहे।

भाजपा छोड़ने की इनसाइड स्टोरी और इस्तीफे का समय

अपने इस बड़े और कड़े फैसले पर बात करते हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने भाजपा से अलग होने का निर्णय पूरी गरिमा, शालीनता और आत्मसम्मान के साथ लिया है। उनका मकसद तमिलनाडु में एक सकारात्मक और नई तरह की राजनीति की नींव रखना है।

अन्नामलाई ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने 4 दिसंबर 2025 को ही केंद्रीय नेतृत्व के सामने पार्टी से इस्तीफा देने की इच्छा जाहिर कर दी थी। हालांकि, शीर्ष नेतृत्व के कहने पर वे चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक रुके रहे।

तमिलनाडु का बेटा या भाजपा कार्यकर्ता?

अन्नामलाई ने अपने भीतर चल रहे वैचारिक संघर्ष को बयां करते हुए कहा, “मेरे सामने हमेशा से यह एक बड़ा द्वंद्व (कन्फ्यूजन) रहा कि मैं पहले भाजपा का एक निष्ठावान कार्यकर्ता हूं या फिर तमिलनाडु का बेटा। आखिरकार, अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए मैंने अपने राज्य की माटी के प्रति वफादार रहने और अपने स्वतंत्र रास्ते पर आगे बढ़ने का अंतिम फैसला किया।”

आगामी विधानसभा चुनाव और नया सियासी समीकरण

अन्नामलाई ने केवल आंदोलन की घोषणा ही नहीं की है, बल्कि राज्य की सत्ता पर भी अपनी नजरें टिका दी हैं। उन्होंने साफ तौर पर एलान किया कि उनका यह नया राजनीतिक दल आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरेगा और चुनाव लड़ेगा।

इस्तीफे के पीछे की कड़वाहट को दरकिनार करते हुए, उन्होंने 2 जून को भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी नितिन नवीन को भेजे गए पत्र में लिखा कि वे तमिलनाडु के विकास और यहां के सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर जो दृष्टिकोण (विजन) रखते हैं, उसके लिए वे केंद्रीय नेतृत्व पर और अधिक बोझ या दबाव नहीं डालना चाहते थे। यही वजह है कि उन्होंने सम्मानपूर्वक अलग होने का रास्ता चुना। अन्नामलाई के इस कदम से तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के बीच एक नया त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।

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