Jauhar Controversy: रानी पद्मावती और जौहर पर घमासान, अनिरुद्धाचार्य ने स्वरा भास्कर को घेरा

स्वरा भास्कर के जौहर प्रथा पर दिए बयान को लेकर विवाद बढ़ गया है। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली महिलाओं के बलिदान का जिक्र करते हुए अभिनेत्री पर निशाना साधा। वहीं स्वरा ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती या राजपूत महिलाओं को कायर नहीं कहा और उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया।

Jauhar Controversy

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 4, 2026

Jauhar Controversy: अभिनेत्री स्वरा भास्कर के जौहर प्रथा पर दिए बयान को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 31 अगस्त को आयोजित ‘वुमन, लाइफ, फ्रीडम’ कार्यक्रम में स्वरा भास्कर ने जौहर की ऐतिहासिक परंपरा और उससे जुड़े फिल्मी चित्रण पर अपनी राय रखी थी। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और धार्मिक हलकों तक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। अब कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने स्वरा भास्कर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

अनिरुद्धाचार्य ने जौहर और क्षत्राणियों के बलिदान को लेकर क्या कहा?

बताते चले कि, अनिरुद्धाचार्य ने रानी पद्मावती जैसी ऐतिहासिक महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी नारियां पवित्र और सती मानी जाती हैं। उनके मुताबिक, इन महिलाओं ने अपने चरित्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक का बलिदान कर दिया। उन्होंने कहा कि जौहर की इन कथाओं से यह सीख मिलती है कि जीवन से भी अधिक महत्वपूर्ण चरित्र को माना गया। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि ‘प्राण जाएं, पर चरित्र न जाए।’

‘जो चरित्रवान नहीं, वह जौहर की गहराई नहीं समझेगा’

स्वरा भास्कर पर निशाना साधते हुए अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि क्षत्राणियों के बलिदान से जुड़ी बातें बेहद गहरी हैं। उन्होंने कहा कि उन महिलाओं ने अपने प्राण त्याग दिए, लेकिन अपने चरित्र से समझौता नहीं किया। अनिरुद्धाचार्य के अनुसार, ऐसी बातों को समझने के लिए व्यक्ति में चरित्र और उस भावना को समझने की क्षमता होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जो व्यक्ति इन मूल्यों को नहीं समझता, वह जौहर की उस भावना को कैसे समझ पाएगा?

रानी पद्मावती और जौहर को लेकर स्वरा भास्कर की सफाई

विवाद बढ़ने के बाद स्वरा भास्कर ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात का गलत अनुवाद और गलत संदर्भ में प्रचार किया जा रहा है। स्वरा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो रानी पद्मावती को कायर कहा और न ही राजपूत महिलाओं को कायर बताया। उन्होंने अपने बयान में संजय लीला भंसाली की फिल्म के जौहर वाले दृश्य को लेकर सवाल उठाए थे और उसे ‘प्रॉब्लमैटिक’ बताया था।

स्वरा ने बताया, आखिर जौहर सीन पर क्यों उठाया सवाल?

स्वरा भास्कर के मुताबिक, फिल्म का क्लाइमेक्स देखते समय उनके मन में एक अलग तरह का सवाल आया था। उन्होंने एक काल्पनिक परिस्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि अगर भगवान न करे, वह खुद किसी यौन हिंसा की पीड़िता होतीं, तो शायद उन्हें यह सोचकर अपराधबोध या कमजोरी महसूस होती कि उन्होंने अपनी जान क्यों नहीं ले ली। स्वरा का कहना था कि उनका उद्देश्य रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर कहना बिल्कुल नहीं था।

बयान के मायने पर आमने-सामने दो अलग नजरिए

पूरे विवाद में एक तरफ स्वरा भास्कर जौहर की ऐतिहासिक और सिनेमाई प्रस्तुति को लेकर सवाल उठा रही हैं, वहीं अनिरुद्धाचार्य इसे महिलाओं के बलिदान, सम्मान और चरित्र से जोड़कर देख रहे हैं। यही अलग-अलग नजरिए अब बहस का केंद्र बन गए हैं। स्वरा जहां अपने बयान के गलत अर्थ निकाले जाने की बात कह रही हैं, वहीं अनिरुद्धाचार्य ने जौहर की परंपरा को लेकर अपनी स्पष्ट और कड़ी राय सामने रखी है।

सोशल मीडिया पर भी तेज हुई जौहर विवाद की बहस

स्वरा भास्कर के बयान के बाद जौहर प्रथा को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे इतिहास और फिल्मों में महिलाओं की भूमिका को नए नजरिए से देखने की जरूरत से जोड़ रहे हैं, जबकि दूसरे लोग जौहर को राजपूत महिलाओं के सम्मान और बलिदान की ऐतिहासिक परंपरा मानते हुए अभिनेत्री की टिप्पणी का विरोध कर रहे हैं। फिलहाल, अनिरुद्धाचार्य की प्रतिक्रिया के बाद यह विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।