Suvendu PA Murder Case : पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव (PA) चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले की कड़ियाँ बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़ रही हैं। हाल ही में बिहार के बक्सर जिले से दो युवकों, विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर बंगाल रवाना हो गई है। पुलिस का मानना है कि इन दोनों से पूछताछ के बाद इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की परतों को खोलने में मदद मिलेगी।
विक्की के परिजनों ने जताई अनभिज्ञता, लगाया परेशान करने का आरोप
इस गिरफ्तारी के बाद विक्की मौर्य के परिवार में हड़कंप मच गया है। विक्की के पिता गौतम कुमार सिंह ने मीडिया के सामने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अचानक घर आई और बिना कुछ बताए पूरे घर की तलाशी ली। विक्की के पिता के अनुसार, पुलिस परिवार के मोबाइल फोन भी साथ ले गई है। उन्होंने दावा किया कि विक्की का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह काम की तलाश में घर से निकला था। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बीमार बेटे को दवाई तक नहीं खाने दी और जांच के नाम पर परिवार को परेशान किया जा रहा है।
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और टोल प्लाजा से मिला सुराग
इस हत्याकांड की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) को अहम सुराग एक डिजिटल पेमेंट के जरिए मिला। बताया जा रहा है कि आरोपियों में से एक ने टोल प्लाजा पर यूपीआई (UPI) के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान किया था। इस एक छोटी सी गलती ने पुलिस को आरोपियों के मोबाइल नंबर और उनकी लोकेशन ट्रैक करने का मौका दे दिया। तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस बक्सर तक पहुँचने में कामयाब रही। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य के अलावा, उत्तर प्रदेश के बलिया का रहने वाला राज सिंह भी शामिल है।
6 मई की रात हुई थी हत्या, टीएमसी पर लगा आरोप
घटनाक्रम के अनुसार, 6 मई की रात चंद्रनाथ रथ को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें नजदीकी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में उबाल आ गया है। भाजपा नेताओं ने इस हत्या का सीधा आरोप तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं पर लगाया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया है, जिसमें एसटीएफ और सीआईडी के अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है।
साजिश के खुलासे के लिए गहन पूछताछ जारी
फिलहाल, पुलिस तीनों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है ताकि हत्या के पीछे के असली मकसद और मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह हत्या राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा थी या इसके पीछे कोई व्यक्तिगत रंजिश थी। एसआईटी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन आरोपियों को हत्या के लिए सुपारी दी गई थी। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, बंगाल से लेकर बिहार तक इस मामले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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