Surya Chauhan Murder Case: गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती तौर पर इसे महज 30 मिनट पहले हुए मामूली बाइक विवाद की रंजिश माना जा रहा था, लेकिन अब इस नृशंस वारदात में ‘प्रेम प्रसंग’ और अवैध संबंधों का गहरा एंगल सामने आया है। इस मामले के मुख्य आरोपी, 50 हजार के इनामी असद को पुलिस ने एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया है, जबकि उसके पिता और अन्य सहयोगियों को जेल भेज दिया गया है। 28 मई (ईद) की दोपहर को हुए इस घटनाक्रम ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है।
हत्या के पीछे की असल वजह
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 28 मई को दोपहर 3:00 बजे बाइक हटाने को लेकर असद और सूर्या के बीच गाली-गलौज हुई थी। हालांकि, स्थानीय लोगों ने मामला शांत करा दिया था, लेकिन यह सुलह महज एक दिखावा साबित हुई। जांच में सामने आया कि इस हत्या की जड़ें बहुत पुरानी हैं। सपा प्रवक्ता अमित जमाई और पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, सूर्या चौहान के संबंध मुख्य आरोपी असद की सगी बहन के साथ थे। इसी विवाद के चलते असद का परिवार आठ महीने पहले अपना घर बदलकर दूसरी गली में चला गया था। बावजूद इसके, सूर्या का वहां जाना बंद नहीं हुआ, जिसने इस बाइक विवाद को खूनी अंजाम तक पहुंचा दिया।
पिता की उकसावे वाली शह और चाकू से बर्बर वार
घटना के आधे घंटे बाद, यानी दोपहर 3:30 बजे, असद ने अपने पिता नवाब और साथी फरहान के साथ मिलकर सूर्या को नवनीत विहार की गली में घेर लिया। फरहान ने असद को चाकू थमाया और पिता नवाब ने चिल्लाकर उकसाया, “आज इसकी कहानी खत्म कर दे।” पिता की शह मिलते ही असद ने सूर्या के पेट में ताबड़तोड़ चाकू घोंपकर उसकी जान ले ली। यह हत्याकांड महज बाइक विवाद का नतीजा नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश का परिणाम था, जिसमें पूरे परिवार की संलिप्तता सामने आई है।
मुख्य आरोपी असद का गोपनीय अंतिम संस्कार
एनकाउंटर में मारे गए मुख्य आरोपी असद के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे उसके चाचा को सौंप दिया गया। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने बेहद गोपनीय तरीके से असद का दफीना (अंतिम संस्कार) संपन्न कराया। पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशीलता को देखते हुए उस कब्रिस्तान का नाम भी सार्वजनिक नहीं किया है, जहां असद को दफनाया गया है। इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती अभी भी जारी है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
मां की चीख और बुलडोजर कार्रवाई की मांग
अपने इकलौते बेटे सूर्या को खोने वाली मां सरोज का दर्द शब्दों से परे है। उन्होंने रोते हुए मांग की कि सूर्या को काटने वाले सभी सातों आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिए। उन्होंने कहा, “मेरे घर का इकलौता चिराग बुझ गया है, अब बाकी आरोपियों के घरों पर भी बुलडोजर चलना चाहिए।” वहीं, स्थानीय लोग भी अपराधियों की संपत्ति जब्त करने और उन्हें कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की नृशंस घटनाओं पर लगाम लग सके।










