UP News: पर्यावरण बचाने की अनूठी पहल, ई-रिक्शा से विधानसभा पहुंचे सुरेश खन्ना

योगी सरकार में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण के लिए एक सराहनीय कदम उठाया है। पीएम मोदी के आह्वान से प्रेरित होकर, खन्ना लगातार तीसरे सप्ताह ई-रिक्शा से विधान भवन पहुंचे। यह पहल न केवल ईंधन की बचत करती है, बल्कि प्रदूषण मुक्त समाज और राष्ट्रहित में छोटे बदलावों का एक सशक्त उदाहरण पेश करती है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 29, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचाने जाने वाले वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईंधन बचाओ’ आह्वान को न केवल स्वीकार किया है, बल्कि उसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा भी बना लिया है। शाहजहांपुर से लगातार नौ बार के विधायक और राज्य के वरिष्ठतम मंत्रियों में शुमार खन्ना ने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत के प्रति एक सशक्त संदेश देते हुए पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों से दूरी बना ली है।

साइकिल से ई-रिक्शा तक: जनप्रतिनिधि की अभिनव यात्रा

अपने अनूठे अंदाज के लिए चर्चित मंत्री सुरेश खन्ना ने पहले साइकिल और बाइक का उपयोग किया, फिर पैदल चलकर दफ्तर पहुंचने का क्रम शुरू किया। अब वे पूरी तरह से गैर-पेट्रोलियम ईंधन चालित वाहनों पर निर्भर हो गए हैं। उनकी यह पहल केवल प्रतीकात्मक नहीं है; वे लगातार तीसरे सप्ताह भी शुक्रवार को अपने सरकारी आवास ‘दस कालिदास मार्ग’ से विधान भवन स्थित अपने कार्यालय तक ई-रिक्शा में सवार होकर पहुंचे। उन्होंने दोपहर में भोजन के लिए अपने आवास वापसी के दौरान भी ई-रिक्शा का ही उपयोग किया।

राष्ट्रीय आवश्यकता और जनहित में ऊर्जा संरक्षण की सीख

इस यात्रा के दौरान मंत्री ने ऊर्जा संरक्षण को आज की सबसे बड़ी राष्ट्रीय जरूरत बताया। खन्ना का स्पष्ट मानना है कि देश की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित ईंधन पर टिका है, जिसके कारण विदेशी मुद्रा पर भारी दबाव पड़ता है। उन्होंने कहा, “पर्यावरण सुरक्षा और ईंधन की बचत महज एक सरकारी निर्देश नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। अपनी दैनिक दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करके हम राष्ट्रहित में बड़ा योगदान दे सकते हैं।”

पर्यावरण और प्रदूषण मुक्त भारत का संदेश

मंत्री सुरेश खन्ना ने समाज के हर सक्षम व्यक्ति से अपील की है कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन वैकल्पिक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधनों का प्रयोग करें। उनके अनुसार, यह पहल न केवल प्रदूषण के स्तर को कम करने में सहायक होगी, बल्कि राष्ट्र को आर्थिक रूप से भी मजबूती प्रदान करेगी।

व्यक्तिगत पहल से प्रेरित समाज का निर्माण

सुरेश खन्ना का यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि सत्ता के शीर्ष पर बैठा व्यक्ति यदि संकल्प ले ले, तो वह आम जनमानस के लिए एक बड़ा उदाहरण बन सकता है। एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा लगातार ई-रिक्शा का उपयोग करना अन्य जनप्रतिनिधियों और आम जनता के लिए भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का एक बड़ा संदेश है। यह पहल न केवल स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में एक कदम है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी एक महत्वपूर्ण कड़ी सिद्ध हो सकती है।