Supriya Sule on TMC: सुप्रिया सुले की TMC पर टिप्पणी, ‘पार्टी में दो फाड़ मुमकिन’, अभिषेक बनर्जी पर हमले को बताया शर्मनाक

बारामती की सांसद सुप्रिया सुले ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को दुखद और शर्मनाक करार देते हुए लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होने की बात कही है।

Supriya Sule on TMC

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 2, 2026

Supriya Sule on TMC: एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा के बढ़ते स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हाल ही में दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में हुए हमले को उन्होंने “शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया। 30 मई को हुई इस घटना में अभिषेक बनर्जी पर पत्थर और अंडे फेंके गए थे, जिसके बाद उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट का सहारा लेना पड़ा था। सुले ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। टीएमसी में दो फाड़ होने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी के आंतरिक मामलों की उन्हें विस्तृत जानकारी नहीं है, लेकिन उन्हें ममता बनर्जी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।

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‘लाडली बहना योजना’

सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लाडली बहना योजना’ को लेकर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार और आंकड़ों में हेरफेर का गंभीर आरोप लगाया है। सुले ने कहा कि शुरुआत में सवा दो करोड़ महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा था, लेकिन अब सरकारी वेबसाइट पर केवल 1 करोड़ 12 लाख महिलाओं के ही नाम दर्ज हैं। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल पूछा कि आखिर 80 लाख से 1 करोड़ महिलाओं को इस योजना से बाहर क्यों किया गया? सुले के अनुसार, यदि सरकार इन महिलाओं को ‘अवैध’ बता रही है, तो अब तक दिए गए पैसे की जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने इसे केवल चुनावी जुमला और सरकारी खजाने का दुरुपयोग करार दिया।

नीट परीक्षा की धांधली पर सरकार को घेरा

शिक्षा व्यवस्था और नीट (NEET) परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर सुप्रिया सुले ने केंद्र सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह मामला न केवल सरकार की कार्यक्षमता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सुले ने कहा, “नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा, जो पूरी तरह से योग्यता पर आधारित है, उसमें भ्रष्टाचार होना स्तब्ध कर देने वाला है।” उन्होंने इस मामले में उच्च-स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। सुले का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में हुई यह गड़बड़ी सरकार और संबंधित विभागों की पूर्ण विफलता को दर्शाती है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

सुप्रिया सुले के ये बयान राजनीतिक परिदृश्य में काफी अहम माने जा रहे हैं। एक तरफ जहाँ वे अपनी पार्टी की नीतियों को लेकर मुखर हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों की मुश्किलों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी वे कड़ा रुख अपनाए हुए हैं। टीएमसी की आंतरिक राजनीति पर उनकी टिप्पणी और नीट जैसे गंभीर विषय पर सरकार की विफलता को उजागर करना उनके आक्रामक विपक्षीय तेवरों को दर्शाता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार उनके द्वारा उठाए गए सवालों का क्या जवाब देती है और नीट जैसे बड़े मुद्दे पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।

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