Sun TV Shares Fall : तमिलनाडु की राजनीति में सोमवार का दिन एक ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बना, जिसका सीधा असर दलाल स्ट्रीट पर भी देखने को मिला। अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) ने चुनावी रुझानों में जिस तरह से बढ़त बनाई, उसने निवेशकों के बीच खलबली मचा दी है। इसका सबसे बड़ा शिकार मीडिया दिग्गज कलानिधि मारन की कंपनी ‘सन टीवी नेटवर्क’ (Sun TV Network) हुई, जिसके शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।
बाजार में सन टीवी के शेयरों की बड़ी गिरावट
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सन टीवी के शेयरों में सुनामी जैसी गिरावट आई। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर करीब 10 फीसदी तक गोता लगा गए और 547.55 रुपये के इंट्राडे निचले स्तर पर पहुंच गए। गौरतलब है कि शुक्रवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद कंपनी की स्थिति मजबूत थी, लेकिन सोमवार को जैसे-जैसे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के रुझान स्पष्ट होने लगे, सन टीवी के ग्राफ में गिरावट तेज होती गई। दोपहर तक शेयर आंशिक रिकवरी के साथ 567.35 रुपये पर कारोबार कर रहा था, लेकिन निवेशकों का भरोसा डगमगा चुका था।
मारन परिवार और डीएमके से सन टीवी का गहरा संबंध
सन टीवी के शेयरों में इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी का राजनीतिक जुड़ाव माना जा रहा है। सन टीवी नेटवर्क पर कलानिधि मारन का नियंत्रण है, जो तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के पोते और वर्तमान मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के भतीजे हैं। एम.के. स्टालिन सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (DMK) के प्रमुख भी हैं। तमिलनाडु की राजनीति में जब भी डीएमके की स्थिति कमजोर होती है, तो इसका सीधा असर मारन परिवार के व्यावसायिक हितों, विशेषकर सन टीवी पर पड़ता है। रुझानों में डीएमके की संभावित हार ने निवेशकों को भविष्य की चिंताओं में डाल दिया है।
एक ही दिन में स्वाहा हुए 2,300 करोड़ रुपये
बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के लिहाज से सन टीवी को सोमवार का दिन बेहद भारी पड़ा। पिछले कारोबारी सत्र के अंत में कंपनी की कुल वैल्यूएशन 23,825.21 करोड़ रुपये थी। सोमवार को शेयर गिरकर जब 547.55 रुपये पर पहुंचा, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू घटकर 21,562.8 करोड़ रुपये रह गई। महज कुछ घंटों के भीतर कंपनी ने कागजों पर लगभग 2,300 करोड़ रुपये की संपत्ति गंवा दी। हालांकि बाजार बंद होने तक इसमें मामूली सुधार देखा गया, लेकिन यह गिरावट कंपनी के हालिया प्रदर्शन के लिहाज से काफी बड़ी मानी जा रही है।
विजय की TVK ने बिगाड़ा पारंपरिक पार्टियों का खेल
भारत निर्वाचन आयोग के रुझानों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। कुल 234 विधानसभा सीटों में से विजय की TVK 108 सीटों पर आगे चल रही है, जो बहुमत के जादुई आंकड़े (118) के बेहद करीब है। वहीं, सत्ताधारी डीएमके मात्र 56 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। भाजपा और एआईएडीएमके का गठबंधन 35 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर है। टीवीके ने तिरुचि ईस्ट और पेरम्बूर जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। यह रुझान संकेत देते हैं कि तमिलनाडु अब द्विध्रुवीय राजनीति (DMK बनाम AIADMK) से बाहर निकलकर तीसरे विकल्प को चुन चुका है।
पांच दशकों का द्रविड़ वर्चस्व खतरे में
1967 के बाद से तमिलनाडु की सत्ता की चाबी हमेशा डीएमके या एआईएडीएमके के पास रही है। सी.एन. अन्नादुरई और एम.जी. रामचंद्रन द्वारा स्थापित इन पार्टियों ने पांच दशकों से राज्य की दिशा तय की है। लेकिन विजय की ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ ने इस दुर्ग में सेंध लगा दी है। यदि टीवीके पूर्ण बहुमत प्राप्त करती है, तो यह न केवल दक्षिण भारत बल्कि देश की केंद्रीय राजनीति में भी एक बड़ा फेरबदल होगा। अभिनेता विजय का राजनीतिक उदय अब फिल्मी पर्दे से निकलकर सत्ता के गलियारों में हकीकत बनता दिख रहा है, जिससे द्रविड़ राजनीति के पुराने समीकरण पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं।
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