पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से मिली सफलता, वैज्ञानिक अधिकारियों ने योगी सरकार की सराहना की

प्रयागराज के डॉ. अतुल कुमार बोले- पांच साल की मेहनत रंग लाई, योग्यता के आधार पर हुआ चयन साक्षात्कार के दिन परिणाम आने से किसी भी जुगाड़ की गुंजाइश नहीं रही- पौरभी सिंह बिहार की डॉ. रोहिणी को पहले ही प्रयास में मिली सफलता, मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाना दीपावली का यादगार उपहार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के तहत नवचयनित 28 वैज्ञानिक अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवचयनित वैज्ञानिक अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री के हाथों

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नवम्बर 5, 2026

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प्रयागराज के डॉ. अतुल कुमार बोले- पांच साल की मेहनत रंग लाई, योग्यता के आधार पर हुआ चयन

साक्षात्कार के दिन परिणाम आने से किसी भी जुगाड़ की गुंजाइश नहीं रही- पौरभी सिंह

बिहार की डॉ. रोहिणी को पहले ही प्रयास में मिली सफलता, मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाना दीपावली का यादगार उपहार

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के तहत नवचयनित 28 वैज्ञानिक अधिकारियों
के नियुक्ति पत्र वितरित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवचयनित वैज्ञानिक अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर नवचयनित अधिकारियों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने इसे जीवन का यादगार पल बताते हुए भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और तेजी की सराहना की।

वैज्ञानिक अधिकारी कंप्यूटर फॉरेंसिक क्षेत्र/प्रक्षेत्र के पद पर चयनित रवि गुप्ता ने कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रही है। जिस दिन उनका साक्षात्कार हुआ, उसी दिन रात में परिणाम भी घोषित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को कितनी तेजी और निष्पक्षता से आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना दीपावली से पहले बोनस गिफ्ट जैसा है।

पांच साल की मेहनत रंग लाई,  योग्यता के आधार पर हुआ चयन
प्रयागराज निवासी डॉ. अतुल कुमार का चयन वैज्ञानिक अधिकारी भौतिक विज्ञान क्षेत्र/प्रक्षेत्र के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि करीब पांच वर्षों से तैयारी कर रहे थे, अब जाकर सफलता मिली है। परीक्षा से लेकर साक्षात्कार तक कहीं भी किसी सिफारिश या सोर्स की जरूरत नहीं पड़ी। मुख्यमंत्री जी के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके और उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है। आजमगढ़ निवासी डॉ. रामकृष्ण मिश्रा ने भी भर्ती प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि पढ़ाई के दौरान उन्होंने जिस विषय की तैयारी की थी, उसी से संबंधित प्रश्न परीक्षा में पूछे गए। उन्होंने निष्पक्ष चयन के लिए प्रदेश सरकार का आभार जताया। रामकृष्ण मिश्रा का चयन वैज्ञानिक अधिकारी जीव विज्ञान क्षेत्र/प्रक्षेत्र के पद पर हुआ है।

बिहार की डॉ. रोहिणी को पहले ही प्रयास में मिली सफलता
बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी डॉ. रोहिणी ने वैज्ञानिक अधिकारी जीव विज्ञान क्षेत्र/प्रक्षेत्र के पद पर चयनित होने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता का प्रमाण वह स्वयं हैं। यह उनका पहला प्रयास था और पहली ही कोशिश में सफलता मिल गई है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए दीपावली का यादगार उपहार है। उन्होंने कहा कि इस खास अवसर को वह जीवनभर याद रखेंगी।

नियुक्ति पत्र पाकर बोलीं- सपना हुआ साकार
डॉ. गरिमा सिंह का चयन वैज्ञानिक अधिकारी जीव विज्ञान क्षेत्र/प्रक्षेत्र के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार हुआ और उसी दिन रात में परिणाम घोषित कर दिया गया। इतनी तेजी और पारदर्शिता से पूरी प्रक्रिया संपन्न होना अपने आप में महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाना उनके लिए सपना साकार होने जैसा है। उन्होंने इसे दीपावली का सबसे अच्छा उपहार बताया।

वहीं, कानपुर निवासी डॉ. पौरभी सिंह ने कहा कि साक्षात्कार वाले दिन ही परिणाम घोषित होने से किसी को किसी तरह का जुगाड़ लगाने का अवसर नहीं मिला। पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रही। मुख्यमंत्री स्वयं अपना कीमती समय निकालकर नवचयनित अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दे रहे हैं, यह दर्शाता है कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य और योग्य प्रतिभाओं के सम्मान को कितनी प्राथमिकता देती है।

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