मादक पदार्थों के खिलाफ सख्ती, किशनगंज पुलिस ने बनाई विशेष एएनटीएफ टीम

किशनगंज बिहार के किशनगंज जिले में बढ़ते मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस कप्तान ने बड़ा कदम उठाया है। किशनगंज पुलिस ने बिहार की पहली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठन किया है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि जिले को सूखे नशे के कारोबार से मुक्त कराने के लिए यह विशेष टीम पूरी गंभीरता और रणनीति के साथ काम करेगी। एसपी संतोष कुमार ने बताया कि बिहार में पहली बार किसी जिले में इस प्रकार की विशेष एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

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Published On :

मई 11, 2026

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किशनगंज

बिहार के किशनगंज जिले में बढ़ते मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस कप्तान ने बड़ा कदम उठाया है। किशनगंज पुलिस ने बिहार की पहली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठन किया है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि जिले को सूखे नशे के कारोबार से मुक्त कराने के लिए यह विशेष टीम पूरी गंभीरता और रणनीति के साथ काम करेगी। एसपी संतोष कुमार ने बताया कि बिहार में पहली बार किसी जिले में इस प्रकार की विशेष एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

इसका मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों, उनके नेटवर्क, फंडिंग और आकाओं तक पहुंच कर पूरे अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करना है। इस विशेष टास्क फोर्स का नेतृत्व एसडीपीओ मंगलेश कुमार सिंह करेंगे, जबकि इंस्पेक्टर राजू को इसका प्रभारी बनाया गया है। टीम में कुल 12 पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल किए गए हैं, जिन्हें विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

जेल से छूटने के बाद भी रहेगी निगरानी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। एएनटीएफ उन तस्करों की गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखेगी जो जेल से छूट चुके हैं या भविष्य में रिहा होंगे। ऐसे लोगों पर प्रिवेंटिव एक्शन लेते हुए दोबारा अपराध में शामिल होने से रोकने की रणनीति तैयार की गई है। एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी करेगी, जिसके माध्यम से आम लोग गुप्त रूप से मादक पदार्थों की तस्करी या सेवन से जुड़ी जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकेंगे। एसपी संतोष कुमार ने कहा कि बिहार में पहली बार किसी जिले में इस प्रकार की विशेष एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों, उनके नेटवर्क, फंडिंग और आकाओं तक पहुंच कर पूरे अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करना है।

युवाओं को जागरूक करने पर भी रहेगा जोर
एसपी संतोष कुमार ने कहा कि पुलिस केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि युवाओं और आम लोगों के बीच जागरूकता अभियान भी चलाएगी। स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों पर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी को इस जाल में फंसने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि जो लोग नशे के सेवन के आदी हैं, उन्हें नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करवाने की दिशा में भी पहल की जाएगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून से नहीं बल्कि सामाजिक सहयोग और जागरूकता से भी जीती जा सकती है। एसपी ने जिलेवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किशनगंज को सूखे नशे से मुक्त कराना पुलिस की प्राथमिकता है और इस मिशन को हर हाल में पूरा किया जाएगा।

एएनटीएफ का मुख्य कार्य जिले और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी गिरोहों की पहचान करना, उनके आपराधिक इतिहास का अध्ययन करना तथा उनके नेटवर्क और सप्लाई चैन की पूरी जानकारी जुटाना होगा। पुलिस इन अपराधियों का विस्तृत डोजियर तैयार करेगी ताकि संगठित रूप से इनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। एसपी ने कहा कि यह टास्क फोर्स सूचना संकलन और सत्यापन के बाद छापेमारी करेगी तथा कानूनी कार्रवाई को अंजाम देगी। इसके अलावा मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त लोगों की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस का प्रयास रहेगा कि गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए।

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