Strait of Hormuz Attack: ओमान तट के पास दो जहाजों पर ड्रोन हमला, दो भारतीय नाविक लापता

हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ओमान तट पर भारतीय नाविकों वाले दो जहाजों पर ड्रोन हमले का आरोप लगा है। घटना के बाद दो भारतीय नाविक लापता हैं। भारत ने हमले की निंदा करते हुए सुरक्षित समुद्री आवाजाही की मांग की है। अब सबकी नजर तलाश अभियान और जांच पर टिकी है।

Strait of Hormuz Attack

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 12, 2026

Strait of Hormuz Attack : हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। ओमान के तट के पास भारतीय नाविकों को लेकर जा रहे दो जहाजों पर ड्रोन हमले का आरोप लगा है। इस घटना के बाद दो भारतीय नाविक लापता बताए जा रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने हमलों की कड़ी निंदा की है और तत्काल हिंसा रोकने की मांग की है।

दो जहाजों पर हमले के बाद भारतीय नाविक लापता

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को निकारागुआ और मार्शल आइलैंड के झंडे वाले दो जहाज ओमान के तट के पास लंगर डाले हुए थे। दोनों जहाजों पर 11-11 भारतीय नाविक सवार थे। आरोप है कि इन जहाजों को बड़े पैमाने पर ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। घटना के बाद वीर बहादुर यादव और अमित सिंह नाम के दो भारतीय नाविकों का पता नहीं चल पाया है। उनकी तलाश के लिए ओमान का तटरक्षक बल अभियान चला रहा है। फिलहाल लापता नाविकों की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है।

विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा की

घटना सामने आने के बाद सोमवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर हमलों पर गंभीर चिंता जताई। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। लगातार व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने से समुद्री क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है। भारत ने कहा कि इस तरह की घटनाएं हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सुरक्षा स्थिति को और खराब कर सकती हैं। मंत्रालय ने तत्काल हमले रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित आवाजाही की मांग

भारत ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य समेत सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग की है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप आवश्यक कदम उठाने चाहिए। भारत ने यह भी कहा कि क्षेत्र में जारी विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए। समुद्री व्यापार के लिए हॉर्मुज का मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां तनाव बढ़ने का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

फरवरी से तनावपूर्ण बने हुए हैं हालात

दी गई जानकारी के मुताबिक, फरवरी में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद से हॉर्मुज क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। इस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा और समुद्री गतिविधियों को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान पर हमलों को लेकर घोषणा किए जाने के बावजूद क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि, मौजूदा घटना के पीछे किसका हाथ है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।

पहले भी भारतीय नाविकों वाले जहाज को बनाया गया था निशाना

इससे पहले 9 अक्टूबर को ओमान के तट के पास पनामा के झंडे वाले एक जहाज पर भी इसी तरह के ड्रोन हमले की खबर सामने आई थी। उस जहाज पर 22 भारतीय नागरिक सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी सुरक्षित बताए गए थे। अब दो भारतीय नाविकों के लापता होने की खबर ने समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

भारत के सामने फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता नाविकों की सुरक्षित तलाश और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या सामने आता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए कौन से कदम उठाए जाते हैं।

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