Stock Market Today: सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट, निवेशकों के डूबे करोड़ों रुपये

भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त बिकवाली देखने को मिल रही है। डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर बयान और कच्चे तेल की कीमतों के $105 पार होने से बाजार सहम गया है। सेंसेक्स 700 अंक और निफ्टी 175 अंक फिसल गया है। क्या यह बड़ी मंदी की आहट है या खरीदारी का मौका?

Stock Market Today

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 12, 2026

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Stock Market Today : भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 12 मई को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई अचानक तेजी ने दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों के उत्साह को ठंडा कर दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी यदि लंबे समय तक खिंचती है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और महंगाई दर पर पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन की बचत और सोने की खरीद को एक साल के लिए टालने की हालिया अपील ने भी बाजार के ‘सेंटीमेंट’ को प्रभावित किया है, जिससे निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल है।

बाजार की सुस्त शुरुआत: सेंसेक्स और निफ्टी के शुरुआती आंकड़े

मंगलवार सुबह जैसे ही बाजार खुला, बीएसई (BSE) सेंसेक्स और एनएसई (NSE) निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। सुबह 9:15 बजे सेंसेक्स करीब 290 अंकों की गिरावट के साथ 75,725.28 के स्तर पर खुला। वहीं, निफ्टी 50 भी 70.65 अंक फिसलकर 23,745.20 के स्तर पर आ गया। बाजार खुलने से पहले ही ‘गिफ्ट निफ्टी’ (GIFT Nifty) से मिल रहे कमजोर संकेतों ने यह स्पष्ट कर दिया था कि आज का दिन घरेलू निवेशकों के लिए संघर्षपूर्ण रहने वाला है। बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखा जा रहा है, जो बाजार को नीचे की ओर धकेल रहे हैं।

सोमवार की ‘ब्लैक मंडे‘ जैसी गिरावट का असर

बाजार में मंगलवार की कमजोरी दरअसल सोमवार को हुई भारी बिकवाली का ही विस्तार है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी 11 मई को सेंसेक्स 1,312.91 अंकों की भारी गिरावट के साथ 76,015.28 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी पीछे नहीं रहा और 360.30 अंकों की गोता लगाकर 23,815.85 के स्तर पर आ गिरा था। सोमवार को कारोबार के दौरान एक समय ऐसा भी आया था जब सेंसेक्स 1,370 अंकों तक लुढ़क गया था। इस भारी गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है और बाजार का तकनीकी ढांचा भी कमजोर पड़ता दिख रहा है।

विदेशी निवेशकों (FPI) का पलायन और घरेलू सहारा

बाजार में आई इस अस्थिरता का एक प्रमुख कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा की जा रही अंधाधुंध बिकवाली है। एनएसई के प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 84.38 अरब रुपये मूल्य के शेयर बेच दिए। यह 24 अप्रैल के बाद की सबसे बड़ी बिकवाली दर्ज की गई है। हालांकि, इस कठिन समय में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने की कोशिश की और लगभग 59.4 अरब रुपये की खरीदारी की। यदि घरेलू निवेशकों का यह समर्थन नहीं मिलता, तो बाजार की गिरावट और भी भयावह हो सकती थी।

आगे क्या है बाजार की रणनीति?

फिलहाल बाजार की नजरें पूरी तरह से वैश्विक घटनाक्रमों पर टिकी हैं। कच्चा तेल $90 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है क्योंकि भारत अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। विश्लेषकों का सुझाव है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। जब तक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली नहीं रुकती, तब तक बाजार में ‘वॉलेटिलिटी’ (अस्थिरता) बनी रहेगी। छोटे निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों में ‘डिप’ पर खरीदारी की रणनीति अपनाएं या फिलहाल बाजार के स्थिर होने का इंतजार करें।

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