Share Market: बुधवार, 10 जून को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद सुस्त रही। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजार से मिल रहे कमजोर संकेतों का सीधा असर भारतीय सूचकांकों पर देखने को मिला। बाजार खुलने के साथ ही निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल दिखा। बीएसई सेंसेक्स जहाँ मामूली 69 अंकों की बढ़त के साथ 73,988.27 पर खुला, वहीं निफ्टी 8 अंकों की गिरावट के साथ 23,233 पर कारोबार करता नजर आया।
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किन शेयरों में तेजी और गिरावट?
शुरुआती कारोबार में बाजार का मिजाज मिला-जुला रहा। फेडरल बैंक (Federal Bank) में खरीदारी की सलाह के चलते इसके शेयरों में तेजी देखी गई। वहीं, क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल के कारण ओएनजीसी (ONGC) जैसे तेल उत्पादक कंपनियों के शेयरों में सकारात्मक हलचल रही। इसके विपरीत, वैश्विक स्तर पर आईटी (IT) शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसके चलते टीसीएस (TCS) और टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) के शेयरों में गिरावट देखी गई। साथ ही, पेंट कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव नजर आया।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर, ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद मिडिल-ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है। इसका सीधा असर एशियाई बाजारों पर पड़ा है, जहाँ बिकवाली हावी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2% से 3.12% तक लुढ़क गया, जबकि जापान का निक्केई और टॉपिक्स सूचकांक भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी करीब 1.04% टूट गया।
दूसरी ओर, अमेरिकी शेयर बाजार भी भारी तनाव में हैं। ईरान द्वारा अमेरिकी हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई के बाद अमेरिकी बेंचमार्क फ्यूचर्स में गिरावट दर्ज की गई। नैस्डैक और एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.3% तक की गिरावट देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर का दबदबा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी अस्थिरता है। कल 5% की गिरावट के बाद आज इसमें फिर से तेजी आई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 1.79% बढ़कर 89.78 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.78% बढ़कर 93.08 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गए हैं।
इस बीच, डॉलर इंडेक्स (DXY) 99.96 के स्तर पर मजबूत बना हुआ है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकट के समय सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में निवेशक डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे यह अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में मजबूत हुआ है।
निवेशकों के लिए संकेत
वर्तमान वैश्विक स्थिति में बाजार के विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और क्रूड की बढ़ती कीमतों का सीधा असर भारतीय बाजार की तरलता और निवेशकों के मनोबल पर पड़ सकता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार के हर घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखें और किसी भी बड़े निवेश से पहले पोर्टफोलियो का सही आकलन जरूर करें।
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