Mumbai Bomb Threat: मुंबई की ऐतिहासिक पहचान और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सेंट जेवियर्स कॉलेज को मंगलवार को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद शहर में सनसनी फैल गई। दक्षिण मुंबई स्थित इस कॉलेज के प्रशासन को जैसे ही विस्फोटक होने की सूचना मिली, परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। पुलिस और सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभाला।
कॉलेज प्रशासन को मिला धमकी भरा ईमेल
मंगलवार सुबह कॉलेज की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक अज्ञात प्रेषक द्वारा संदेश भेजा गया। इस ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए दावा किया गया था कि कॉलेज परिसर के भीतर विस्फोटक रखे गए हैं। कॉलेज प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत आजाद मैदान पुलिस स्टेशन को सूचित किया। छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी बिल्डिंग को आनन-फानन में खाली कराया गया और पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।
बम निरोधक दस्ते का सघन सर्च ऑपरेशन
सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वायड की टीमें कॉलेज पहुंचीं। पुलिस ने क्लासरूम, लैबोरेटरी, लाइब्रेरी और कैंटीन के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। कई घंटों की मशक्कत और गहन जांच के बाद पुलिस को कोई भी संदिग्ध वस्तु प्राप्त नहीं हुई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अंततः इसे एक ‘हॉक्स कॉल’ (झूठी धमकी) घोषित किया, जिससे प्रशासन और नागरिकों ने राहत की सांस ली।
छात्रों की सुरक्षा और अभिभावकों के बीच बढ़ी चिंता
धमकी की खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही कॉलेज के बाहर अभिभावकों और शुभचिंतकों का जमावड़ा लग गया। हर कोई अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखाई दिया। कॉलेज प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि छात्रों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अभिभावकों से संयम बनाए रखने की अपील की और पुष्टि की कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
साइबर सेल द्वारा आईपी एड्रेस की जांच
मुंबई पुलिस की साइबर सेल अब इस मामले की तकनीकी जांच में जुट गई है। जिस आईपी एड्रेस (IP Address) से यह ईमेल भेजा गया था, उसे ट्रैक किया जा रहा है ताकि आरोपी तक पहुँचा जा सके। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में मुंबई के प्रमुख स्कूलों, अस्पतालों और एयरपोर्ट को भी ऐसी ही फर्जी धमकियां मिली हैं। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक शांति भंग करने और दहशत फैलाने वाले ऐसे शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









