
Sonia Gandhi Instagram Debut: भारतीय राजनीति की दिग्गज नेता और कांग्रेस संसदीय दल की chairperson सोनिया गांधी ने आखिरकार आधिकारिक तौर पर सोशल मीडिया की दुनिया में कदम रख लिया है। उन्होंने 22 अक्टूबर 2026 को इंस्टाग्राम पर अपना अकाउंट लॉन्च किया, जिससे उनके समर्थकों और राजनीतिक गलियारों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। अपने पहले ही पोस्ट पर उन्हें कुछ ही मिनटों के भीतर लाखों व्यूज और हजारों फॉलोअर्स मिल गए। खास बात यह है कि अपने इस नए इंस्टाग्राम अकाउंट से उन्होंने अपनी आगामी और बेहद चर्चित आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ की पहली झलक साझा की है।
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आत्मकथा की पहली झलक और वीडियो का खास अंदाज

अपनी पहली इंस्टाग्राम पोस्ट में सोनिया गांधी ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह 544 पन्नों के इस विशाल संस्मरण (मेमॉयर) की किताब को अपने हाथों में थामे नजर आ रही हैं। वीडियो में उन्होंने किताब के खूबसूरत कवर पेज को दिखाया है और इसके पन्नों को पलटते हुए दिखाई दे रही हैं। पन्ने पलटते हुए वह एक ऐसे भावुक हिस्से पर रुकती हैं जहां उनके बच्चों, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के बचपन की दुर्लभ तस्वीरें छपी हैं। इन पुरानी यादों को देखकर वह अपनी बेटी प्रियंका से प्यार से कहती हैं, ‘बहुत सारी तस्वीरें हैं, प्रियंका।’
सोनिया गांधी ने अपनी इस किताब को ‘प्यार, कर्तव्य, नुकसान और अपना स्थान खोजने’ के एक गहरे सफर के रूप में परिभाषित किया है। उन्होंने अपने पाठकों के साथ इसे साझा करने को लेकर गहरी उत्सुकता और खुशी जताई है। शुरुआत में ही लाखों लोगों द्वारा पसंद किए गए इस वीडियो से साफ है कि उनकी इस किताब को लेकर पाठकों में कितना भारी क्रेज है। यह बहुप्रतीक्षित किताब आगामी 10 नवंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर रिलीज होने वाली है।
किन लोगों को फॉलो कर रही हैं सोनिया गांधी?

सोशल मीडिया पर अपनी इस नई पारी की शुरुआत करते हुए सोनिया गांधी ने बहुत ही चुनिंदा लोगों को फॉलो करने का फैसला किया है। उनके इस आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से केवल तीन ही अकाउंट्स को फॉलो किया जा रहा है:
राहुल गांधी (उनके बेटे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष)
प्रियंका गांधी वाड्रा (उनकी बेटी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री)
कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक पेज (Indian National Congress)
यह बेहद सीमित और परिवार-केंद्रित लिस्ट उनके सोशल मीडिया रुख को साफ तौर पर दर्शाती है।
प्रकाशन को लेकर हुआ था बड़ा राजनीतिक विवाद

सोनिया गांधी की यह आत्मकथा शुरू से ही काफी चर्चा और विवादों में रही है। बीते अगस्त 2026 में इस किताब के प्रकाशन को लेकर एक बड़ा गतिरोध पैदा हो गया था, जब मशहूर पब्लिशर ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ (PRHI) ने संपादकीय बदलावों पर असहमति जताते हुए इस किताब को प्रकाशित करने से पीछे हटने का फैसला किया था। इस अचानक आए फैसले के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया था और तीखा हंगामा खड़ा हुआ था।
कांग्रेस पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोप लगाया था कि पब्लिशर पर दबाव डाला गया है और वे चाहते थे कि इस पांडुलिपि (मैन्युस्क्रिप्ट) से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारत-चीन कूटनीतिक संबंधों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों को हटा दिया जाए। पार्टी ने इसे सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कमजोर करने की साजिश बताया था। हालांकि, पेंगुइन ने इन तमाम आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि उनके इस फैसले के पीछे कोई बाहरी दबाव नहीं था, और उनका पक्ष था कि इस किताब के राइट्स हासिल करना उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि थी, जिसे वे प्रकाशित करने के लिए बेहद उत्सुक थे।
हार्परकॉलिंस इंडिया के पास आए अधिकार
विवाद और पेंगुइन के पीछे हटने के बाद, प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थान ‘हार्परकॉलिंस इंडिया’ ने भारत में इस किताब को प्रकाशित करने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली है। हालांकि, अमेरिकी पब्लिशर पेंगुइन रैंडम हाउस का ही एक हिस्सा ‘अल्फ्रेड ए नॉफ’ वैश्विक स्तर पर इस किताब का इंटरनेशनल पब्लिशर बना रहेगा।
इस आत्मकथा में सोनिया गांधी के इटली में बीते उनके शुरुआती बचपन की यादों से लेकर, भारत में उनके निजी अनुभवों और उतार-चढ़ाव भरे राजनीतिक सफर का बेहद करीब से और विस्तार से जिक्र किया गया है। अब फैंस को 10 नवंबर का बेसब्री से इंतजार है जब यह ऐतिहासिक किताब पाठकों के हाथों में होगी।
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