Sonam Wangchuk Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस इलाज के लिए अपने साथ ले गई। इसके बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि अब वह खुद भूख हड़ताल शुरू करेंगे और आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।
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अभिजीत दीपके ने शुरू किया अनशन
अभिजीत दीपके ने कहा कि वह शनिवार से अपना अनशन शुरू कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 20 जुलाई को प्रस्तावित मार्च भी तय कार्यक्रम के अनुसार निकाला जाएगा। उन्होंने दावा किया कि सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को लगता है कि सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाने के बाद विरोध खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होगा। उनके अनुसार, आंदोलन अपने उद्देश्य की पूर्ति तक जारी रहेगा और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे रहेंगे।
पुलिस कार्रवाई को लेकर लगाए गंभीर आरोप
अभिजीत दीपके ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को जबरन हटाया गया और उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की कार्रवाई से आंदोलन कमजोर नहीं होगा बल्कि लोगों का समर्थन और बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अभी भी जंतर-मंतर पर मौजूद रहेंगे और 20 जुलाई को यहीं से संसद तक मार्च निकालने की योजना है। उन्होंने पुलिस के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए और इसे अनुचित बताया।
अभिजीत दीपके का आरोप
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें भी प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ मारपीट की गई और सड़क पर घसीटा गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो भी इस आंदोलन का समर्थन करते हैं, वे दिल्ली पहुंचें और प्रदर्शन में शामिल हों। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नेताओं और जनप्रतिनिधियों को भी जंतर-मंतर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
पुलिस ने बताई कार्रवाई की वजह
वहीं, पुलिस ने सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की वजह भी स्पष्ट की है। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देश और सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर मेडिकल सुविधा के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया है। डीसीपी ने कहा कि सोनम वांगचुक फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनका इलाज जारी है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे सरकारी कामकाज में बाधा न डालें और प्रशासन के साथ सहयोग करें।
आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति पर नजर
सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचने और अभिजीत दीपके के अनशन शुरू करने के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में प्रदर्शन किस दिशा में आगे बढ़ता है और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।










