Solar Subsidy: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! एक मिस्ड कॉल से मिलेगा Solar Subsidy का लाभ

हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए सोलर पंप सब्सिडी पाना बेहद आसान बना दिया है। अब आपको दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है

Solar Subsidy

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 1, 2026

Solar Subsidy: हरियाणा सरकार ने राज्य के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब किसानों को खेतों में सोलर पंप लगवाने और उस पर मिलने वाली भारी-भरकम सब्सिडी के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार ने तकनीकी विकास को प्राथमिकता देते हुए ‘मिस्ड कॉल’ के जरिए सोलर सब्सिडी योजना से जुड़ने की सुविधा शुरू की है। यह पहल न केवल डिजिटल इंडिया के विजन को मजबूत करती है, बल्कि उन किसानों के लिए भी वरदान साबित होगी जो ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं।

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किसानों के लिए वरदान

इस पहल का मुख्य उद्देश्य ‘प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान’ (पीएम-कुसुम) का लाभ हर छोटे-बड़े किसान तक सुलभ बनाना है। पारंपरिक खेती में किसान डीजल की बढ़ती कीमतों और बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण सिंचाई की समस्या से जूझते रहे हैं। हरियाणा सरकार की यह मिस्ड कॉल पहल किसानों को बिना किसी कागजी झंझट के 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी का लाभ लेने का अवसर देती है। यह योजना न केवल खेती की लागत को कम करेगी, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को भी गति प्रदान करेगी।

योजना की प्रमुख विशेषताएं और लाभ

इस नई व्यवस्था के तहत किसानों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलने वाले हैं।

इंस्टेंट रजिस्ट्रेशन: किसान अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से 1912 पर केवल एक मिस्ड कॉल देकर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

भारी सब्सिडी का प्रावधान: योजना के अंतर्गत, किसान को सोलर पंप की कुल लागत का केवल 25 प्रतिशत भुगतान करना होगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत सब्सिडी सरकार द्वारा वहन की जाएगी।

समय और पैसे की बचत: दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ने से किसानों का बहुमूल्य समय बचेगा और बिचौलियों पर होने वाला अनावश्यक खर्च भी समाप्त होगा।

डीजल पर निर्भरता से मुक्ति: सोलर पंप के उपयोग से डीजल की खपत और उससे होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी, साथ ही बिजली की निर्भरता भी खत्म हो जाएगी।

पर्यावरण के अनुकूल: सौर ऊर्जा का उपयोग भूजल के संतुलित प्रबंधन में भी सहायक सिद्ध होगा।

विशेष सोलर विंडो: प्रत्येक बिजली विभाग के उपमण्डल अधिकारी (एसडीओ) कार्यालय में एक विशेष ‘सोलर डेस्क’ या ‘विंडो’ स्थापित की जा रही है, ताकि योजनाओं से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर मिल सके।

कैसे काम करती है मिस्ड कॉल सेवा?

यह प्रक्रिया अत्यंत सरल है। किसान को सरकार द्वारा जारी आधिकारिक नंबर 1912 पर मिस्ड कॉल करनी होगी। मिस्ड कॉल के बाद बिजली निगम या नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के प्रतिनिधि स्वयं किसान को फोन करेंगे। फोन कॉल के दौरान प्रतिनिधि किसान का नाम, भूमि का विवरण और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दर्ज करेंगे। यदि डेटा सही पाया जाता है, तो सोलर पंप की स्थापना और सब्सिडी की प्रक्रिया को तत्काल आगे बढ़ा दिया जाएगा।

हरियाणा सरकार का यह कदम कृषि क्षेत्र में नवाचार और सरलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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