Smit Machchhar: भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भारतीय पायलट स्मित माच्छर की बहादुरी, सूझबूझ और त्वरित निर्णय क्षमता की सराहना की है। उन्होंने शनिवार को इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कठिन परिस्थिति के दौरान पायलट ने असाधारण मानसिक और शारीरिक मजबूती का परिचय दिया। उनके मुताबिक, इस घटना से भारतीय वायुसेना को महत्वपूर्ण सीख मिली है।
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एयर चीफ मार्शल ने बताया घटना से मिली अहम सीख

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि घटना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन पायलट ने जिस तरह परिस्थिति को संभाला, वह बेहद सराहनीय है। उन्होंने कहा कि पायलट ने अपनी समझदारी, शारीरिक दृढ़ता और मानसिक मजबूती का परिचय दिया। वायुसेना प्रमुख ने इस पूरे घटनाक्रम को भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण सबक बताया, जिससे प्रशिक्षण और परिचालन तैयारियों को और मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
तेजस Mk-1A की डिलीवरी में देरी पर चिंता
भारतीय वायुसेना के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk-1A की डिलीवरी में हो रही देरी को लेकर भी एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विमान की आपूर्ति में देरी से भारतीय वायुसेना को नुकसान होगा। ऐसे समय में जब वायुसेना अपनी परिचालन क्षमता को मजबूत करने और आधुनिक लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रही है, तेजस Mk-1A की समय पर उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
थिएटर कमांड को लेकर वायुसेना प्रमुख का रुख

थिएटर कमांड के मुद्दे पर एपी सिंह ने स्पष्ट किया कि भारतीय वायुसेना इसके खिलाफ नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा और सैन्य अभियानों से जुड़ी परिस्थितियों में बदलाव आया है। ऐसे में थिएटर कमांड को लेकर अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं का विस्तृत आकलन किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि बदलती युद्ध परिस्थितियों के अनुरूप किसी भी नई व्यवस्था पर विचार जरूरी है।
अलग ड्रोन फोर्स बनाने की जरूरत नहीं
अलग ड्रोन फोर्स के गठन के सवाल पर वायुसेना प्रमुख ने कहा कि ड्रोन भारतीय वायुसेना के लिए किसी अचानक आए बदलाव के बजाय सैन्य क्षमता के क्रमिक विकास का हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि वायुसेना ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन की संख्या बढ़ा रही है। हालांकि, उनका मानना है कि इनके लिए अलग फोर्स बनाने के बजाय इन्हें मौजूदा सैन्य व्यवस्था में शामिल कर संयुक्त रूप से संचालित किया जाना चाहिए।
ड्रोन और दूसरे हथियारों के साथ संयुक्त संचालन पर जोर
एपी सिंह ने कहा कि आधुनिक युद्ध में किसी एक हथियार को अलग-थलग इस्तेमाल करने के बजाय विभिन्न सैन्य प्रणालियों के साथ उसका समन्वय जरूरी है। ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन को दूसरे हथियारों के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने से उनकी प्रभावशीलता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग हथियारों को अलग-अलग तरीके से संचालित करने के बजाय एकीकृत सैन्य क्षमता विकसित करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
चीन की नई सैन्य क्षमताओं पर भी बोले IAF Chief

चीन के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों और पाकिस्तान को दिए जा रहे प्रशिक्षण से जुड़े सवाल पर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि ऐसी परिस्थितियां निश्चित तौर पर चिंता पैदा कर सकती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल किसी एक प्लेटफॉर्म की मौजूदगी से पूरी सैन्य स्थिति तय नहीं होती। किसी भी हथियार या विमान की वास्तविक क्षमता इस बात पर भी निर्भर करती है कि उसे पूरी सैन्य प्रणाली के साथ कितनी प्रभावी तरह से एकीकृत किया गया है।
भारत को अपनी अगली पीढ़ी की क्षमता जल्द बढ़ानी होगी
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि भारत के पास अपनी सैन्य क्षमताएं हैं और मौजूदा खतरों से निपटने के लिए इनका बेहतर एकीकरण जरूरी है। उन्होंने भविष्य की जरूरतों पर जोर देते हुए कहा कि भारत को मौजूदा पीढ़ी के विमानों के मुकाबले नई पीढ़ी की क्षमताओं को जल्द विकसित और शामिल करना होगा। यदि संबंधित कार्यक्रमों में देरी होती है, तो वैकल्पिक विकल्पों पर भी निर्णय लेने की जरूरत पड़ सकती है।
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