मानसून की धीमी रफ्तार से बढ़ी उमस, पंजाब-चंडीगढ़ में तीन दिन बारिश का पूर्वानुमान

चंडीगढ़  पंजाब में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। बारिश थमने से गर्मी और उमस बढ़ गई है, जिससे लोगों को दिन के समय घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 8 जिलों में गर्म और उमस भरे मौसम का यलो अलर्ट जारी किया है।  चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, बरनाला और मानसा में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। वहीं पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर), कपूरथला, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और एसएएस नगर

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Published On :

जुलाई 16, 2026

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चंडीगढ़ 

पंजाब में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। बारिश थमने से गर्मी और उमस बढ़ गई है, जिससे लोगों को दिन के समय घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 8 जिलों में गर्म और उमस भरे मौसम का यलो अलर्ट जारी किया है। 

चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, बरनाला और मानसा में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। वहीं पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर), कपूरथला, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) समेत फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा और मानसा के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

पिछले 24 घंटों में पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही तापमान सामान्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान फरीदकोट में 41.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मानसून क्यों पड़ा सुस्त?
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल के अनुसार, मानसून की सक्रिय रेखा फिलहाल उत्तर भारत से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है, जिससे पंजाब में नमी बनी रहेगी। हालांकि, मानसून को सक्रिय करने वाला आवश्यक 'ट्रिगरिंग मैकेनिज्म', जैसे मानसून ट्रफ का दक्षिण की ओर खिसकना या साइक्लोनिक सर्कुलेशन, फिलहाल मौजूद नहीं है।

उन्होंने बताया कि उत्तर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके प्रभाव से पंजाब में बारिश की गतिविधियां फिर तेज होने की संभावना है। अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, हवा के झोंकों की गति 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

बांधों में जलस्तर डेंजर लेवल से नीचे
बीबीएमबी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भाखड़ा बांध का जलस्तर 1582.13 फीट दर्ज किया गया है, जो 1680 फीट के डेंजर लेवल से 97.87 फीट नीचे है। वहीं, पोंग बांध का जलस्तर 1322.54 फीट है, जो 1390 फीट के डेंजर लेवल से 67.46 फीट कम है।

भाखड़ा बांध में 33,701 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 26,409 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, पोंग बांध में 14,841 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है, जबकि 18,487 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।

उमस बढ़ने से बिजली की मांग भी बढ़ी
गर्मी और उमस बढ़ने से राज्य में बिजली की मांग भी बढ़ गई है। फिलहाल पंजाब में बिजली की मांग 15,388 मेगावाट है, जबकि राज्य में 6,036 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। मांग और उत्पादन के बीच की कमी को पूरा करने के लिए पंजाब ने ग्रिड से 9,349 मेगावाट बिजली ली, जो उसके निर्धारित हिस्से से 269 मेगावाट अधिक है। वहीं, ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 49.97 हर्ट्ज दर्ज की गई, जो सामान्य परिचालन स्थिति का संकेत है।

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