West Bengal: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सिलिगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। एसएसबी सीमांत मुख्यालय में विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास के बाद जवानों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि देश की सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जो भी जरूरी संसाधन मांगे गए, सरकार ने उन्हें उपलब्ध कराया है।
सीमा सुरक्षा मजबूत होगी तभी बंगाल सुरक्षित रहेगा
अमित शाह ने कहा कि जब तक देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक पश्चिम बंगाल और भारत की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं हो सकती। उन्होंने सीमा सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा बताते हुए एसएसबी जवानों की भूमिका की सराहना की।गृह मंत्री ने कहा कि एसएसबी देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करने वाला महत्वपूर्ण बल है। उन्होंने जवानों को सीमाओं की सुरक्षा के लिए उनके समर्पण और जिम्मेदारी के लिए सम्मान भी व्यक्त किया।
अमित शाह का ममता बनर्जी पर जमीन को लेकर बड़ा आरोप
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर सीमा सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट्स में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए केंद्र की ओर से लगातार जमीन की मांग की गई, लेकिन राज्य सरकार ने उनकी मांग पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
अमित शाह के मुताबिक, वह वर्ष 2014 से सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए करीब 1,129 एकड़ जमीन की मांग कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद ही इस दिशा में जरूरी जमीन उपलब्ध कराई गई।
‘2014 से 1,129 एकड़ जमीन की मांग कर रहा था’
गृह मंत्री ने कहा कि सीमा पर बाड़ लगाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जमीन की जरूरत थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान बार-बार अनुरोध के बावजूद इस मामले में अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। अमित शाह ने दावा किया कि वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों में राज्य की ओर से तेजी से मंजूरी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि अब कई परियोजनाओं के लिए औपचारिक पत्र भेजे जाने से पहले ही राज्य स्तर पर आवश्यक स्वीकृति मिल जाती है।
SSB कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की मौजूदगी पर अमित शाह की तारीफ
अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्रियों को एसएसबी और बीएसएफ के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजे जाते रहे, लेकिन वे कभी इन कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुए। उन्होंने मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस पुरानी परंपरा को बदलने का काम किया है।
शाह ने कहा कि सीमा की रक्षा करने वाले सुरक्षा बल किसी राजनीतिक दल से जुड़े संगठन नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसएसबी देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए काम करता है और उसे राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए।
‘एसएसबी कोई राजनीतिक संगठन नहीं है’
गृह मंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा बलों के कार्यक्रमों में राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी से जवानों का मनोबल बढ़ता है। उनके मुताबिक, सीमा की रक्षा करने वाले जवानों के प्रति राज्य सरकार की सक्रिय भागीदारी एक सकारात्मक संदेश देती है। अमित शाह ने सुरक्षा बलों के साथ सहयोग को राष्ट्रीय हित से जोड़ते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा के मामलों में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है।
शुभेंदु अधिकारी सरकार की अमित शाह ने की तारीफ
अमित शाह गुरुवार शाम उत्तर बंगाल के दौरे पर बागडोगरा पहुंचे थे। उन्होंने राज्य में भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे होने के बाद सुरक्षा से जुड़े मामलों में राज्य सरकार के सहयोग की सराहना की। अमित शाह ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र की जरूरतों पर तेजी से प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए राज्य की ओर से मंजूरी मिलने की प्रक्रिया भी तेज हुई है।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर के लिए 560 एकड़ जमीन का मुद्दा
अमित शाह ने बेहद संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर को मजबूत करने के लिए 560 एकड़ जमीन की आवश्यकता का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में इस जमीन को लेकर लंबे समय तक मंजूरी नहीं मिली। अमित शाह ने कहा कि मौजूदा सरकार ने सत्ता संभालने के बाद जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में मंजूरी दी। उन्होंने इसे सिलिगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सिलीगुड़ी में बनेगा बॉर्डर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन हेडक्वार्टर
गृह मंत्री ने सिलीगुड़ी में 80 एकड़ जमीन पर बॉर्डर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन हेडक्वार्टर बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र में सीमा सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही अमित शाह ने सिलीगुड़ी-नई दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देशभर में आवाजाही को आसान बनाने के लिए प्रस्तावित सात ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर में शामिल यह परियोजना अब वास्तविकता बनने के करीब पहुंच रही है।
चिकन नेक कॉरिडोर की सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
अमित शाह के सिलीगुड़ी दौरे में सीमा सुरक्षा और रणनीतिक रूप से बेहद अहम ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर प्रमुख मुद्दों में रहा। यह क्षेत्र देश के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण भू-भाग है।
केंद्र सरकार का जोर इस क्षेत्र में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ सीमा प्रबंधन और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर है। ऐसे में अमित शाह के बयान और नई परियोजनाओं की घोषणाओं को सिलीगुड़ी कॉरिडोर की रणनीतिक सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।










