8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी, 18 हजार से अब 72,000 रुपये तक पहुंच सकती है सैलरी

नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है. आयोग 18 महीने में इसपर विस्‍तार से रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौंपे‍गी, जिसके बाद विचार-विमर्श करने के बाद इसे लागू किया जाएगा. इसी बीच, अभी कर्मचारी संगठनों की तरफ से सुझाव दिए जा रहे हैं कि आयोग को 8वें वेतन आयोग के तहत क्‍या-क्‍या बदलाव करने चाहिए?  कुछ दिन पहले नेशनल काउंसिल के मजदूर संघ (एनसी-जेसीएम) की ओर से मांग रखी गई थी कि 8वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों की न्‍यूनतम सैलरी 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये कर दी

Wrriten By :

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Published On :

अप्रैल 26, 2026

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नई दिल्ली
8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है. आयोग 18 महीने में इसपर विस्‍तार से रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौंपे‍गी, जिसके बाद विचार-विमर्श करने के बाद इसे लागू किया जाएगा. इसी बीच, अभी कर्मचारी संगठनों की तरफ से सुझाव दिए जा रहे हैं कि आयोग को 8वें वेतन आयोग के तहत क्‍या-क्‍या बदलाव करने चाहिए? 

कुछ दिन पहले नेशनल काउंसिल के मजदूर संघ (एनसी-जेसीएम) की ओर से मांग रखी गई थी कि 8वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों की न्‍यूनतम सैलरी 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये कर दी जाए. इसके साथ ही फिटमेंट फैक्‍टर को 3.83 की जाए, लेकिन अब खबर आ रही है कि कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी 72,000 रुपये रखी जाए और फिटमेंट फैक्‍टर को 4.0 कर दिया जाए। 

क्‍या 72,000 रुपये हो जाएगी मिनिमम सैलरी? 
इंडिया टुडे के मुताबिक, ये अधिकारिक मांग वाला आंकड़ा नहीं है. 8वें वेतन आयो
ग के तहत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के प्रमुख प्रतिनिधि निकायों में से एक एनसी-जेसीएम ने सिर्फ मिनिमम सैलरी बढ़ोतरी की मांग  69,000 रुपये की है. फिर सवाल उठता है कि 72,000 रुपये की मांग आई कहां से। 

रिपोर्ट के मुताबिक, यह सट्टा बाजार में अनुमान पर आधारित दिखाई देता है. कुछ मामलों में, कुछ कर्मचारी स्तरों के लिए अनुमानित वेतन 72,000 रुपये के करीब पहुंच जाता है, जिसे फिर एक मुख्य आंकड़े के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है. यह आधिकारिक तौर पर प्रस्तुत न्यूनतम मूल वेतन की मांग के समान नहीं है। 

72,000 रुपये सैलरी का अनुमान गलत 
मिनिमम सैलरी का कैलकुलेशन कई चीजों पर निर्भर करता है. इसमें ग्रेड, अलाउंस और लेवल आदि शामिल हैं. ऐसे में 72,000 रुपये म‍िनिमम सैलरी होना मुश्किल दिखता है. इसे सिर्फ एक सार्वजनिक मंच पर बोलने के लिए कहा जा सकता है, लेकिन यह कोई प्रस्‍ताव या सही कैलकुलेशन नहीं है। 

फिलहाल, सरकार ने आठवें वेतन आयोग के तहत किसी भी अंतिम वेतन संरचना की घोषणा नहीं की है. कर्मचारी प्रतिनिधियों, विभागों और हितधारकों से परामर्श के बाद सिफारिशें तैयार की जाएंगी, और किसी भी वेतन संशोधन को लागू करने से पहले आधिकारिक मंजूरी की आवश्यकता होगी। 

बता दें आठवें वेतन आयोग पर नजर रखने वाले लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अभी अनुमानित सैलरी को सही नहीं मानना चाहिए. अधिकार‍िक ऐलान के बाद ही स्‍पष्‍ट हो पाएगा कि कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है। 

 

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