Delhi Mayur Vihar Metro Station: मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन का नाम बदला, अब ‘श्री राम मंदिर’ के नाम से होगी पहचान

दिल्ली के मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन का नाम अब आधिकारिक तौर पर बदलकर 'श्री राम मंदिर मयूर विहार' कर दिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर DMRC ने स्थानीय जनता की वर्षों पुरानी मांग और आस्था का सम्मान करते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इससे यात्रियों का भ्रम दूर होगा और क्षेत्र को नई सांस्कृतिक पहचान मिलेगी।

Delhi Mayur Vihar Metro Station

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 7, 2026

Delhi Mayur Vihar Metro Station: दिल्ली के मयूर विहार क्षेत्र के लिए शनिवार, 7 फरवरी का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। स्थानीय निवासियों की वर्षों पुरानी आस्था और मांग को स्वीकार करते हुए, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर अब आधिकारिक रूप से ‘श्री राम मंदिर मयूर विहार’ कर दिया है। यह बदलाव न केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए है, बल्कि इसे सांस्कृतिक गौरव के पुनरुद्धार के रूप में देखा जा रहा है।

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भ्रम की स्थिति का अंत और जनआस्था का सम्मान

बताते चले कि, दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों के अनुसार, इस स्टेशन के नाम बदलने के पीछे दो प्रमुख कारण रहे। पहला तकनीकी कारण यह था कि मयूर विहार पॉकेट-1 और मयूर विहार फेज-1 स्टेशनों के नाम में समानता होने के कारण यात्रियों, विशेषकर पर्यटकों और नए आगंतुकों को अक्सर भ्रम होता था। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण स्थानीय जनता की श्री राम मंदिर से जुड़ी गहरी आस्था थी। इस निर्णय से अब यात्रियों के लिए स्टेशन की पहचान स्पष्ट हो जाएगी और क्षेत्र की धार्मिक महत्ता को भी नई पहचान मिलेगी।

सनातन धर्म सभा और संचालन समिति का निरंतर संघर्ष

आपको बता दे कि, इस परिवर्तन के पीछे सनातन धर्म सभा (मयूर विहार संचालन समिति: श्री राम मंदिर, पॉकेट-1) का एक लंबा और समर्पित संघर्ष रहा है। समिति के सदस्य लंबे समय से इस मांग को लेकर सरकार और मेट्रो प्रशासन के संपर्क में थे। समिति का मानना था कि मंदिर की निकटता और क्षेत्र की पहचान को देखते हुए यह नाम परिवर्तन आवश्यक था। उनकी निरंतर पैरवी और जनसंपर्क अभियानों के फलस्वरूप ही आज मयूर विहार की धरती पर यह ‘राममय’ क्षण संभव हो पाया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संवेदनशील नेतृत्व

इस ऐतिहासिक उपलब्धि को धरातल पर उतारने में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की भूमिका निर्णायक रही। उन्होंने जनभावनाओं को समझते हुए डीएमआरसी को इस दिशा में त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना करते हुए स्थानीय नेताओं ने कहा कि यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार जन-आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति कितनी संवेदनशील है। प्रशासन की इस तत्परता ने स्थानीय निवासियों के बीच विश्वास को और सुदृढ़ किया है।

विधायक रविकांत उज्जैनवाल की सक्रिय भूमिका

क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक और सनातन संस्कृति के पैरोकार रविकांत उज्जैनवाल ने इस मुद्दे को हर मंच पर प्रमुखता से उठाया। उनकी सक्रियता और निरंतर पैरवी के कारण ही शासन-प्रशासन इस मांग को गंभीरता से लेने पर विवश हुआ। उज्जैनवाल ने इसे क्षेत्र के लिए एक गौरवशाली क्षण बताते हुए कहा कि यह बदलाव केवल शब्दों का नहीं, बल्कि मयूर विहार की सांस्कृतिक चेतना का प्रतिबिंब है।

मयूर विहार के नागरिकों में उत्साह

स्टेशन का नाम बदलने की घोषणा होते ही स्थानीय नागरिकों ने हर्ष व्यक्त किया और मुख्यमंत्री व विधायक का आभार जताया। निवासियों का कहना है कि यह फैसला करोड़ों सनातनी हृदयों की भावनाओं का सम्मान है। अब जब भी यात्री इस स्टेशन पर उतरेंगे, उन्हें भगवान श्री राम के नाम का स्मरण होगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहेगा। लोगों ने इस उपलब्धि को एक बड़े उत्सव के रूप में मनाया।

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