
Regime Change Gang : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को देश में सत्ता परिवर्तन की कोशिशों में जुटे लोगों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हर दिन सरकार बदलने के लिए साजिश रचते हैं, झूठ फैलाते हैं और जनता के बीच अलग-अलग नैरेटिव बनाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, उनके मुताबिक जनता के जनादेश के सामने ऐसे लोगों की रणनीतियां सफल नहीं हो पातीं।
रिजीम चेंज गैंग पर लगाए साजिश और नैरेटिव गढ़ने के आरोप
शिवराज सिंह चौहान ने अपने बयान में ऐसे लोगों के समूह को ‘रिजीम चेंज गैंग’ बताया। उन्होंने कहा कि यह समूह लगातार सत्ता परिवर्तन के सपने देखता है और इसके लिए तरह-तरह के षड्यंत्र रचता है। मंत्री के अनुसार, जनता का समर्थन हासिल करने के बजाय झूठ और नैरेटिव के सहारे राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने दावा किया कि चुनावी नतीजे बार-बार ऐसे प्रयासों को गलत साबित करते हैं।

विश्वविद्यालयों और चुनावी नतीजों का किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने अपने दावों के समर्थन में कई विश्वविद्यालयों और चुनावों के परिणामों का उल्लेख किया। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी और ओडिशा के 13 विश्वविद्यालयों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की जीत का हवाला दिया। इसके अलावा, उन्होंने गुजरात के निकाय चुनावों तथा असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के उपचुनावों के नतीजों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, ये परिणाम जनता के राजनीतिक रुझान को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
‘गांव हो या शहर, जनता का मूड कुछ और है’
शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर विपक्ष और सत्ता परिवर्तन की मांग करने वालों पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि गांव हो या शहर, युवा हों या आम नागरिक, जनता का मूड कुछ और है, जबकि ‘रिजीम चेंज गैंग’ की स्क्रिप्ट अलग है। उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार चुनावी हार मिलने के बावजूद कुछ लोग यह समझने की कोशिश क्यों नहीं करते कि जनता उनका समर्थन क्यों नहीं कर रही है।
आत्ममंथन करने की दी सलाह, आगे जवाब देने की बात कही
अपने पोस्ट में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर हार के बाद एक ही सवाल सामने आता है कि भारत में उनकी ‘दाल क्यों नहीं गल रही’। उन्होंने ऐसे लोगों को आत्ममंथन करने की सलाह दी। साथ ही कहा कि यदि आत्ममंथन के बाद भी उन्हें अपनी राजनीतिक असफलता की वजह समझ नहीं आती, तो वह आगे बताएंगे कि उनकी रणनीति क्यों सफल नहीं हो रही। उनके इस बयान को विपक्ष की राजनीति पर सीधा हमला माना जा रहा है।

विरोध प्रदर्शनों और मार्च के बीच आया बयान
शिवराज सिंह चौहान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस और राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेता देश में सत्ता परिवर्तन की मांग उठा रहे हैं। बीते कुछ दिनों में दिल्ली में विपक्षी नेताओं और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से विरोध प्रदर्शन तथा मार्च आयोजित किए जाने की बात कही गई है। इन प्रदर्शनों में सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाया गया।
वोट चोरी और एसआईआर को लेकर विपक्ष के आरोप
प्रदर्शनों के दौरान सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावों में कथित धांधली के आरोप लगाए गए। प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। वहीं, शिवराज सिंह चौहान ने अपने बयान में जनता के जनादेश और चुनावी नतीजों को अहम बताते हुए सत्ता परिवर्तन की कोशिशों पर सवाल खड़े किए। इस तरह सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है।
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