Shirdi Defence Complex : शिरडी में हर साल बनेंगे पांच लाख आर्टिलरी शेल, मेक इन इंडिया को ताकत

Shirdi Defence Complex :  भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक और बेहद अभूतपूर्व कामयाबी मिली है। ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के कई चरणों के सफल परीक्षणों के पूरा होने के बाद, अब महाराष्ट्र के शिरडी में स्थापित निबे (NIBE) ग्रुप के अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होने जा रहा है। इस नए और हाई-टेक कारखाने में हर साल करीब 5 लाख आर्टिलरी शेल (तोप के गोले) तैयार किए जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इसे भारत के इतिहास में निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) का अब

Shirdi Defence Complex

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 23, 2026

Shirdi Defence Complex :  भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक और बेहद अभूतपूर्व कामयाबी मिली है। ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के कई चरणों के सफल परीक्षणों के पूरा होने के बाद, अब महाराष्ट्र के शिरडी में स्थापित निबे (NIBE) ग्रुप के अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होने जा रहा है। इस नए और हाई-टेक कारखाने में हर साल करीब 5 लाख आर्टिलरी शेल (तोप के गोले) तैयार किए जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इसे भारत के इतिहास में निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) का अब तक का सबसे बड़ा और आधुनिक आर्टिलरी गोला-बारूद उत्पादन केंद्र माना जा रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे उद्घाटन

इस बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक रूप से अहम रक्षा उत्पादन परियोजना का भव्य उद्घाटन आज (शनिवार, 23 मई 2026) देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हाथों संपन्न होगा। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर शिरडी परिसर में पूरी तैयारियां चाक-चौबंद कर ली गई हैं। कंपनी के शीर्ष प्रबंधन के मुताबिक, इस बड़े फैसले और विनिर्माण इकाई के शुरू होने से भारत की सैन्य और रक्षा उत्पादन क्षमता को वैश्विक स्तर पर एक नया आयाम मिलेगा। इसके साथ ही, भारतीय थल सेना को युद्ध जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी उच्च गुणवत्ता वाले स्वदेशी गोला-बारूद की त्वरित और निर्बाध आपूर्ति हमेशा सुनिश्चित की जा सकेगी।

निजी रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक मील का पत्थर

महाराष्ट्र के अहिल्या नगर (पूर्व नाम अहमदनगर) जिले के शिरडी में निर्मित यह नया औद्योगिक परिसर भारत के निजी रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। इस विशेष औद्योगिक सुविधा को रक्षा और एयरोस्पेस के बेहद संवेदनशील व महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) को गति देने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है। यह विशाल परिसर न केवल स्वदेशी रक्षा तकनीक को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि सामरिक उत्पादन के मामले में दुनिया भर में भारत की लगातार बढ़ती सैन्य क्षमताओं और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति को भी दुनिया के सामने सुदृढ़ करेगा।

अत्याधुनिक हथियारों का महाकेंद्र

हाल ही में भारतीय सेना की देखरेख में ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के जितने भी जमीनी ट्रायल किए गए थे, वे सभी पूरी तरह से सफल रहे हैं, जिसके बाद अब इस प्लांट में इसके बड़े पैमाने पर (मास प्रोडक्शन) उत्पादन की नींव रख दी गई है। इस अत्याधुनिक कारखाने में सेना की मुख्य ताकत माने जाने वाले 155mm, 120mm, L-50 और 125mm जैसे भारी और आधुनिक तोपों के गोले बनाए जाएंगे। इसके अलावा, यहां उन्नत मिसाइल सिस्टम, अगली पीढ़ी के टोही व लड़ाकू ड्रोन और खतरनाक रॉकेट लॉन्चरों का उत्पादन भी पूरी तरह स्वदेशी तकनीक की मदद से किया जाएगा।

₹3,000 करोड़ का महा-निवेश

यह पूरी महत्वाकांक्षी रक्षा परियोजना लगभग 200 एकड़ के विशाल भूभाग में फैली हुई है, जिसे भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 3,000 एकड़ तक विस्तारित करने की योजना है। इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत ₹3,000 करोड़ से भी ज्यादा आंकी गई है, जिसमें से शुरुआती चरण के निवेश के तौर पर ₹1,000 करोड़ की भारी-भरकम राशि खर्च की जा चुकी है। इस प्लांट के चालू होने से क्षेत्र के लगभग 2,000 से अधिक कुशल और अकुशल लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे स्थानीय MSME (लघु उद्योगों) को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। सबसे खास बात यह है कि इस स्वदेशी प्लांट में बनने वाले कुल रक्षा उपकरणों का लगभग 70% हिस्सा दुनिया के मित्र देशों को निर्यात (एक्सपोर्ट) करने का लक्ष्य रखा गया है।

उद्घाटन समारोह में जुटेंगे वीवीआईपी

इस पूरी मेगा परियोजना का जमीनी क्रियान्वयन महाराष्ट्र के ही अग्रणी निबे (NIBE) ग्रुप द्वारा बेहद कम समय में किया गया है। शनिवार, 23 मई को होने वाले शिरडी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स (DMC) के इस हाई-प्रोफाइल उद्घाटन समारोह में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इनके अलावा, भारतीय सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान और महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल सहित सेना और रक्षा मंत्रालय के कई शीर्ष अधिकारी भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

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