
Sheikh Hasina: बांग्लादेश से एक बेहद चौंकाने वाली और रहस्यमयी घटना सामने आई है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़कर भागने का ऐतिहासिक वीडियो रिकॉर्ड करने वाले पूर्व वायुसेना अधिकारी केएम तहसीफ सौरी का शव गुरुवार (29 अक्टूबर 2026) को ढाका की एक नदी से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह घटना से एक दिन पहले ही अचानक लापता हो गए थे।
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नदी से मिला शव, मोबाइल और घड़ी से हुई पहचान

एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूचना मिलने पर पुलिस ने टोंगी बंदर घाट इलाके से तहसीफ सौरी का शव अपने कब्जे में लिया। उनके शव के पास से मिले मोबाइल फोन और घड़ी के जरिए उनकी शिनाख्त की गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, हालांकि शुरुआती तौर पर डूबने की आशंका जताई जा रही है। असल कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
पिता का बयान: ‘बेटे को सता रहा था सुरक्षा का डर’
मृतक के पिता केएम इनायतुल करीम हिलाल ने बताया कि उनका बेटा परिवार के साथ उत्तरा के सेक्टर 18 में रहता था। उन्होंने खुलासा किया कि तहसीफ पिछले कुछ समय से अपनी सुरक्षा को लेकर काफी डरा हुआ था। पिता ने दुख जताते हुए कहा, “तहसीफ मुझसे अक्सर कहता था कि उसे थोड़ा डर लग रहा है, लेकिन उसने कभी यह खुलकर नहीं बताया कि उसे किस बात का या किससे खतरा था।”

परिजनों के अनुसार, तहसीफ को पहले अनुशासनहीनता के आरोप में वायुसेना से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड, नेत्रा न्यूज और हाल ही में ‘वर्गो टोबैको’ जैसी संस्थाओं में काम किया था। घटना वाले दिन के बारे में बताते हुए उनके पिता ने कहा कि शाम के वक्त तहसीफ का एक जूनियर दोस्त ‘दीप’ उसे घर के बाहर बुलाने आया था। तहसीफ अपनी मां से यह कहकर नीचे गए थे कि वे थोड़ी देर में लौट रहे हैं, लेकिन उसके बाद वे वापस घर नहीं लौटे और उनका फोन भी बंद हो गया।
शेख हसीना के देश छोड़ने के वीडियो से जुड़े थे तार

तहसीफ सौरी की संदिग्ध मौत ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है क्योंकि उनका नाम 5 अगस्त 2024 को हुए बड़े राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ा था। गौरतलब है कि उस दिन भारी जनविद्रोह और विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना की सरकार गिर गई थी और उन्हें मजबूरन बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था।
तत्कालीन हालात में शेख हसीना ने पहले एक सैन्य हेलीकॉप्टर से उड़ान भरी थी और बाद में बांग्लादेश वायुसेना के C-130J हरक्यूलिस विमान के जरिए भारत के हिंडन एयरबेस पर शरण ली थी। वर्तमान में शेख हसीना भारत में ही निर्वासित जीवन जी रही हैं। तहसीफ सौरी वही शख्स थे जिन्होंने उस ऐतिहासिक दिन शेख हसीना के ढाका छोड़ने का वीडियो अपने कैमरे में कैद किया था। हालांकि, स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल सौरी की संदिग्ध मौत और उनके द्वारा बनाए गए उस वायरल वीडियो के बीच सीधे तौर पर कोई संबंध या कड़ी सामने नहीं आई है, और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
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