Sheikh Hasina Return: स्वदेश लौटेंगी शेख हसीना? भारत-बांग्लादेश के आला अफसरों की बैक-टू-बैक मीटिंग

शेख हसीना की संभावित वापसी को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच गतिविधियां तेज होती दिख रही हैं। ढाका में भारतीय उच्चायुक्त की मुलाकात और RAW प्रमुख की सुरक्षा वार्ता के बीच बांग्लादेश ने प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज करने की उम्मीद जताई है। ऐसे में सवाल है—क्या उनकी वापसी का रास्ता खुलेगा?

Sheikh Hasina Return

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 11, 2026

Sheikh Hasina Return:  भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक गतिविधियां इन दिनों तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी बीच भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के प्रमुख प्राग जैन ने 10 जुलाई को ढाका में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सुरक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (रिटायर्ड) डॉ. एकेएम शम्सुल रहमान इस्लाम से मुलाकात की। इस बैठक के बाद दोनों देशों के बीच चल रही गतिविधियों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

शेख हसीना के बयान के बीच मुलाकात से बढ़ी चर्चा

रॉ प्रमुख की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने स्वदेश लौटने की घोषणा की है। हालांकि, भारत की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शेख हसीना के इस ऐलान से उसका कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद ढाका में भारतीय अधिकारियों की लगातार हो रही उच्चस्तरीय बैठकों के कारण दोनों देशों के बीच संभावित रणनीतिक और कूटनीतिक घटनाक्रम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

DGFI के निमंत्रण पर ढाका पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

सीनियर पत्रकार आदित्यराज कौल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस दौरे से जुड़ी जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, प्राग जैन के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल 8 जुलाई को ढाका पहुंचा था। इस प्रतिनिधिमंडल में अश्विनी मुकुंद कोटनिस, राहुल नेगी और शैबल रॉय चौधरी शामिल थे। बताया गया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल को बांग्लादेश के रक्षा खुफिया निदेशालय यानी DGFI की ओर से आमंत्रित किया गया था।

सुरक्षा और खुफिया सहयोग पर नजर

रॉ प्रमुख की बांग्लादेश यात्रा को दोनों देशों के सुरक्षा और खुफिया तंत्र के बीच संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, मुलाकात में किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में इस बैठक को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। दोनों देशों के बीच सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे पहले से ही महत्वपूर्ण रहे हैं।

भारतीय उच्चायुक्त ने भी की पीएम से मुलाकात

इस घटनाक्रम से पहले बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने भी सोमवार को पहली बार प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की। यह बैठक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रही। मुलाकात के दौरान भारतीय उच्चायुक्त ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं भी दीं।

भारत ने सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई

भारतीय उच्चायुक्त ने बैठक के दौरान कहा कि भारत बांग्लादेश की सरकार और वहां के लोगों के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्य को ध्यान में रखकर काम करना चाहता है। भारत की ओर से दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया। माना जा रहा है कि इस तरह की उच्चस्तरीय बातचीत का उद्देश्य द्विपक्षीय रिश्तों में संवाद और सहयोग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा

बैठक में भारत और बांग्लादेश के बीच आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के संभावित तरीकों पर चर्चा की। बातचीत में दोनों देशों के नागरिकों को केंद्र में रखने वाले ‘पीपल-सेंट्रिक अप्रोच’ पर विशेष जोर दिया गया। इसका उद्देश्य भारत-बांग्लादेश सहयोग का प्रत्यक्ष लाभ आम लोगों तक पहुंचाना बताया गया।

तारिक रहमान को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का निमंत्रण

भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया है। यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को प्रस्तावित है। बांग्लादेश को यह निमंत्रण बिम्सटेक के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर दिया गया है। भारत की ओर से इस निमंत्रण को दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने के एक महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।

बिम्सटेक में सात देश शामिल

बिम्सटेक यानी बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन बंगाल की खाड़ी और उससे जुड़े क्षेत्रों के सात देशों का क्षेत्रीय समूह है। इसमें दक्षिण एशिया के भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल और श्रीलंका शामिल हैं। वहीं, दक्षिण-पूर्व एशिया से म्यांमार और थाईलैंड इसके सदस्य हैं। यह संगठन दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने का मंच है।

भारत ने पहले ही भेजा था औपचारिक निमंत्रण

विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तारिक रहमान को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण फरवरी 2026 में ही भेज दिया गया था। उस समय तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद संभाला था। अब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दोबारा निमंत्रण दिए जाने से दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

रिश्तों के लिए अहम दौर

भारत और बांग्लादेश के बीच हालिया उच्चस्तरीय मुलाकातों को ऐसे समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब दोनों देशों के संबंध कई संवेदनशील मुद्दों के बीच एक नए चरण से गुजर रहे हैं। एक तरफ रॉ प्रमुख की बांग्लादेशी सुरक्षा अधिकारी से बैठक हुई है, तो दूसरी तरफ भारतीय उच्चायुक्त ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की है। इसके साथ ही ब्रिक्स सम्मेलन का निमंत्रण भी दिया गया है। इन घटनाक्रमों के बीच अब दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग और कूटनीतिक रिश्तों की दिशा पर नजर बनी हुई है।

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