Shehbaz Sharif-Trump Meeting: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा का विषय बनी। शहबाज शरीफ वॉशिंगटन में आयोजित बोर्ड ऑफ पीस समिट में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें अपेक्षित तवज्जो नहीं मिली। पहले ही दिन उनकी यात्रा विवादों और सोशल मीडिया पर मजाक का कारण बनी।
समिट में गाजा मुद्दे पर हुई पहली बैठक में शहबाज पीछे की कतार में और अलग-थलग नजर आए। इस दौरान एक पल ऐसा आया जब ट्रंप ने भाषण के दौरान शहबाज को इशारा किया और वे तुरंत अपनी सीट से खड़े हो गए।
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ट्रंप के इशारे पर खड़े हुए शहबाज

डोनाल्ड ट्रंप ने मंच से कहा, “पाकिस्तान और भारत… यह बड़ा मामला था. आपको खड़ा होना चाहिए, कृपया एक पल के लिए खड़े हो जाइए।” इस पर शहबाज तुरंत खड़े हो गए, लेकिन असहज दिखे। सोशल मीडिया पर इस घटना को “स्कूल असेंबली वाला मोमेंट” कहा गया, जैसे छात्र टीचर के कहने पर तुरंत खड़ा हो जाए।
अमेरिका दौरे की शुरुआत से ही विवाद
शहबाज शरीफ की अमेरिका यात्रा की शुरुआत ही विवादों से भरी रही। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रेस रिलीज में कई टाइपो पाए गए। ‘यूनाइटेड स्टेट्स’ की जगह ‘Unites States of Americas’ लिखा गया। इस स्क्रीनशॉट के वायरल होने से सरकारी स्तर की प्रूफरीडिंग पर सवाल उठे।
ग्रुप फोटो में पीछे दिखे शहबाज
वॉशिंगटन पहुंचने के बाद शहबाज के लिए हालात आसान नहीं रहे। ग्रुप फोटो में वे सबसे पीछे नजर आए। आगे की कतार में ट्रंप खड़े थे, उनके साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो। सऊदी अरब, इंडोनेशिया और कतर के नेता उनके ठीक पीछे खड़े थे। इस दृश्य ने सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना और मजाक का कारण बना।
भाषण के दौरान ट्रंप की प्रशंसा और शहबाज की प्रतिक्रिया
अपने भाषण में शहबाज शरीफ ने ट्रंप को “मैन ऑफ पीस” कहा और उन्हें दक्षिण एशिया का सच्चा रक्षक बताया। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए सैन्य टकराव के बाद हुए युद्धविराम का श्रेय भी ट्रंप को दिया। शहबाज ने कहा, “भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाने के लिए आपके समय पर और असरदार हस्तक्षेप ने शायद 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई। आप सच में मैन ऑफ पीस साबित हुए हैं। गाजा आपकी विरासत होगी।”
सोशल मीडिया पर मजाक और आलोचना
ट्रंप के कहने पर तुरंत खड़े होने और पीछे खड़े होने की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर शहबाज शरीफ का मजाक उड़ाया गया। कुछ लोगों ने उन्हें “डोनाल्ड ट्रंप का पपेट” तक कहा। वहीं, उनके भाषण में ट्रंप की खुलकर तारीफ करने से वे असहज नजर आए।
शहबाज शरीफ का अमेरिका दौरा, भले ही आधिकारिक रूप से शांतिपूर्ण और राजनीतिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से हो, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी स्थिति और घटनाएं चर्चा का केंद्र बन गईं। ट्रंप के इशारे पर खड़े होना, प्रेस रिलीज में त्रुटियां और ग्रुप फोटो में पीछे दिखना, उनके लिए व्यक्तिगत और राजनीतिक रूप से असुविधाजनक रहा।
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