शत्रुजीत कपूर बने ITBP डायरेक्टर और राकेश अग्रवाल NIA चीफ

चंडीगढ. हरियाणा के रहने वाले दो सीनियर आईपीएस अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक रह चुके शत्रुजीत कपूर जहां भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) के महानिदेशक का दायित्व संभालेंगे। वहीं, हिमाचल प्रदेश के आईपीएस राकेश अग्रवाल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। शत्रुजीत कपूर मूल रूप से हरियाणा के जींद जिले के रहने वाले हैं, जबकि राकेश अग्रवाल हरियाणा के हिसार के रहने वाले हैं। शत्रुजीत कपूर को अफसरशाही में भ्रष्टाचार खत्म करने, बिजली विभाग को घाटे से उबारने और परिवहन

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Published On :

जनवरी 16, 2026

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चंडीगढ.

हरियाणा के रहने वाले दो सीनियर आईपीएस अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक रह चुके शत्रुजीत कपूर जहां भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) के महानिदेशक का दायित्व संभालेंगे।

वहीं, हिमाचल प्रदेश के आईपीएस राकेश अग्रवाल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। शत्रुजीत कपूर मूल रूप से हरियाणा के जींद जिले के रहने वाले हैं, जबकि राकेश अग्रवाल हरियाणा के हिसार के रहने वाले हैं। शत्रुजीत कपूर को अफसरशाही में भ्रष्टाचार खत्म करने, बिजली विभाग को घाटे से उबारने और परिवहन विभाग में ई-टिकटिंग की सुविधा आरंभ करने के लिए जाना जाएगा।

दूसरी बार मिली जिम्मेदारी
एनआईए चीफ की जिम्मेदारी हरियाणा के मूल निवासी किसी आईपीएस को दूसरी बार मिली है। राकेश अग्रवाल से पहले असम-मेघालय काडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी वाईसी (योगेश चंद्र) मोदी एनआइए के चीफ रह चुके हैं।
वाईसी मोदी मूल रूप से फतेहाबाद जिले के टोहाना के रहने वाले हैं। बाद में उनका परिवार जींद आ गया था। उनकी 10वीं तक पढ़ाई जींद और स्नातक की पढ़ाई सोनीपत में हुई। कानून की पढ़ाई उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से की। उनके भाई आईपीएस अधिकारी यशपाल सिंघल हरियाणा के पुलिस महानिदेशक और राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त रह चुके हैं, जबकि बेटी आस्था मोदी हरियाणा काडर की 2013 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं, जो फिलहाल केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर राज्य में दो साल से अधिक समय तक पुलिस महानिदेशक रहे हैं। उन्होंने विजिलेंस प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं देकर कई भ्रष्ट आईपीएस व आइएएस अधिकारियों को बेनकाब किया, जो बाद में कोर्ट भी गए, लेकिन उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली।

पूरन कुमार सुसाइड केस में आया शत्रुजीत कपूरा का नाम
पुलिस महानिदेशक पद पर रहते हुए शत्रुजीत कपूर का नाम आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में आया तो सरकार ने उन्हें दो माह की छुट्टी पर जाने के लिए राजी कर लिया था। कपूर के छुट्टी से लौटने के बाद उन्हें हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया। इसी पद पर रहते हुए कपूर को आइटीबीपी के महानिदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी साल 31 अक्टूबर को उनकी रिटायरमेंट है।

शत्रुजीत कपूर ने दी ये सेवाएं
आईपीएस रहते आइएएस काडर के पदों पर दी सेवाएं आइटीबीपी प्रमुख के तौर पर शत्रुजीत कपूर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच तैनात हिमवीरों का नेतृत्व करेंगे।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास और सीमा की चौकसी को और अधिक सुदृढ़ करना उनके कार्यकाल की मुख्य प्राथमिकताएं होंगी। उनकी गिनती केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल के भरोसेमंद अधिकारियों में होती रही है। मनोहर लाल ने ही मुख्यमंत्री रहते हुए शत्रुजीत कपूर के रूप में किसी आईपीएस अधिकारी को आइएएस अधिकारी के नेतृत्व वाली बिजली कंपनियों व के चेयरमैन और परिवहन विभाग के प्रधान सचिव पदों की अहम जिम्मेदारी सौंपी थी।

बिजली व परिवहन सुधारों के लिए जाने जाएंगे कपूर
हरियाणा की बिजली कंपनियों के चेयरमैन के रूप में सेवाएं दे चुके शत्रुजीत कपूर की छवि एक ‘रिजल्ट-ओरिएंटेड’ (तुरंत परिणाम देने वाले) अधिकारी की है। उन्होंने जब बिजली कंपनियों के चेयरमैन के रूप में काम संभाला था, उस समय राज्य के सिर्फ 105 गांवों में 24 घंटे बिजली दी जाती थी, लेकिन शत्रुजीत कपूर ने इसे 5300 गांवों तक पहुंचाने का बड़ा काम किया। आज अभी तक छह हजार गांवों में 24 घंटे बिजली पहुंच रही है।

राकेश हरियाणा के दूसरे अफसर, जो एनआइए चीफ बने
1994 बैच के हिमाचल प्रदेश काडर के आईपीएस अधिकारी हिसार निवासी राकेश अग्रवाल हरियाणा के ऐसे दूसरे अधिकारी हैं, जो एनआइए चीफ बने हैं। सदानंद दाते के महाराष्ट्र का डीजीपी बनने के बाद से यह पद खाली चल रहा था। राकेश अग्रवाल एनआइए के महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभालने के दिन से 31 अगस्त 2028 तक अपनी रिटायरमेंट या अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे।

वाईसी मोदी रहे एनआईए चीफ
नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के समय वाईसी मोदी थे एनआइए चीफ नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के समय वाईसी मोदी एनआइए चीफ थे। इसके बाद कुछ समय के लिए कुलदीप सिंह कार्यवाहक रहे, फिर बाद में पंजाब के डीजीपी रह चुके दिनकर गुप्ता एनआइए चीफ बने थे। इनके बाद सदानंद दाते को कमान मिली थी। उनकी अगुवाई में पहलगाम हमले की जांच हुई थी।

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