Parliamentary Standing Committee: तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर को एक बार फिर विदेश मामलों से जुड़ी संसद की स्थायी समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। बीते दिन उन्हें दोबारा यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। अध्यक्ष पद पर फिर नियुक्ति के बाद थरूर ने खुशी जताई और कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत की विदेश नीति और भविष्य की दिशा पर गंभीर एवं रचनात्मक चर्चा की जरूरत है।
शशि थरूर ने सोशल मीडिया पोस्ट में जताई खुशी

आपको बता दे कि, विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्षता दोबारा मिलने के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि विदेश मामलों पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी जारी रखने का सम्मान मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तेजी से बदलती और उथल-पुथल भरी दुनिया में भारत के भविष्य के रास्ते को लेकर समिति में गंभीर और रचनात्मक चर्चा होगी।
Honoured to continue as Chair of the Parliamentary Standing Committee on External Affairs. Looking forward to some serious and constructive discussions on the way forward for India in a turbulent world.
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) October 3, 2026
विदेश मामलों की स्थायी समिति में कुल 31 सांसद
विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के सदस्यों की सूची पहले ही 26 सितंबर 2026 को घोषित की जा चुकी थी। इस समिति में लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के सांसद शामिल हैं। लोकसभा से कुल 21 सदस्यों को समिति में जगह दी गई है, जिसमें अध्यक्ष शशि थरूर भी शामिल हैं। हालांकि, लोकसभा कोटे में एक सदस्य की सीट अभी रिक्त है। वहीं राज्यसभा से 10 सांसदों को सदस्य बनाया गया है। इस तरह समिति में कुल 31 सदस्यों का प्रावधान है।
लोकसभा से शशि थरूर समेत 21 सांसद समिति में शामिल

लोकसभा से विदेश मामलों की संसदीय समिति में डीके अरुणा, विजय बघेल, अभिषेक बनर्जी, अरुण गोविल, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, नवीन जिंदल, सुब्रायन के., के. नवास कनि, बाल्या मामा सुरेश गोपीनाथ म्हात्रे, ब्रिजेंद्र सिंह ओला, असदुद्दीन ओवैसी और डॉ. प्रदीप कुमार पानिग्रही को शामिल किया गया है। इनके अलावा मितेशभाई रमेशभाई पटेल, रविशंकर प्रसाद, वाई. एस. अविनाश रेड्डी, अपराजिता सारंगी, पुष्पेंद्र सरोज, प्रनीति सुशीलकुमार शिंदे, बांसुरी स्वराज और डॉ. शशि थरूर भी समिति के सदस्य हैं। लोकसभा की एक सीट फिलहाल खाली है।
राज्यसभा से 10 सांसद विदेश मामलों की समिति में

राज्यसभा से विदेश मामलों की स्थायी समिति में डॉ. जॉन ब्रिटास, राघव चड्ढा, सागरिका घोष, डॉ. के. लक्ष्मण, सतनाम सिंह संधू और पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला को सदस्य बनाया गया है। इनके साथ राजीव शुक्ला, राजेश परमानंद शुक्ला, रतनजीत प्रताप नारायण सिंह और डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी भी समिति का हिस्सा हैं।
विदेश नीति और वैश्विक मुद्दों पर अहम भूमिका निभाएगी समिति
विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति संसद की महत्वपूर्ण समितियों में शामिल है। समिति के सामने भारत के विदेश संबंधों, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, कूटनीतिक चुनौतियों और वैश्विक स्तर पर बदलती परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जिम्मेदारी रहती है। शशि थरूर के दोबारा अध्यक्ष बनने के बाद अब समिति के सामने भारत की विदेश नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर आगे की चर्चा और समीक्षा की जिम्मेदारी होगी।










