Share Markets: 5 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद मजबूत रिकवरी दिखाई। ग्लोबल बाजारों के सकारात्मक संकेत और कुछ प्रमुख सेक्टरों में हल्की खरीदारी के चलते शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी देखने को मिली। हालांकि, अमेरिका-ईरान तनाव और मिडिल ईस्ट के भू-राजनीतिक जोखिम निवेशकों की नजर में बने हुए हैं।
सुबह करीब 9:17 बजे बीएसई का सेंसेक्स 498 अंक यानी लगभग 0.6 प्रतिशत बढ़कर 79,614 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 सूचकांक 151 अंक चढ़कर 24,631 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार की चौड़ाई भी सकारात्मक रही, जहां 1,756 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि 568 शेयर गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे।
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फाइनेंशियल और प्रमुख शेयरों में बढ़त

शुरुआती कारोबार में फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों ने तेजी की अगुआई की। श्रीराम फाइनेंस लगभग 1.76 प्रतिशत बढ़ा, बजाज फाइनेंस में 1.66 प्रतिशत की तेजी देखी गई और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) 1.55 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा था।
इसके अलावा कोल इंडिया, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील जैसे शेयरों में भी मजबूती रही। हालिया गिरावट के बाद एनर्जी और मेटल सेक्टर में निवेशकों की खरीदारी दिखाई दी।
कुछ शेयरों में मामूली कमजोरी
हालांकि अधिकांश सेक्टर हरे निशान में थे, लेकिन कुछ शेयर हल्की कमजोरी में दिखाई दिए। मैक्स हेल्थकेयर, ICICI बैंक और इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन) के शेयर शुरुआती कारोबार में मामूली गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे।
सेक्टोरल इंडेक्स में मजबूती
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो अधिकतर इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। निफ्टी मेटल इंडेक्स 1 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि निफ्टी ऑटो, पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस और आईटी इंडेक्स में भी हल्की मजबूती देखी गई। ब्रॉडर मार्केट में भी रिकवरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक लगभग 1 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहे थे।
बाजार में अस्थिरता में कमी
हालिया भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण बाजार में अस्थिरता बनी हुई थी, लेकिन इस दिन इंडिया VIX करीब 7 प्रतिशत गिरकर संकेत दिया कि निवेशकों की जोखिम चिंता में नरमी आई है।
ग्लोबल बाजारों का असर
भारतीय शेयर बाजार में यह रिकवरी ऐसे समय आई जब अमेरिकी बाजार बीती रात बढ़त के साथ बंद हुए। खबरें आईं कि ईरान ने कूटनीतिक बातचीत के लिए खुलापन दिखाया है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल मार्केट को स्थिर रखने का आश्वासन दिया। एशियाई बाजारों में भी शुरुआती कारोबार में तेजी देखने को मिली, जिससे तीन दिनों की बिकवाली के बाद निवेशकों का सेंटीमेंट बेहतर हुआ।
आगे का परिदृश्य
विश्लेषकों का कहना है कि भू-राजनीतिक हालात और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण बाजार में लगातार फ्लक्चुएशन बने रह सकते हैं। टेक्निकल एनालिस्ट्स के अनुसार निफ्टी के लिए 24,300 का स्तर अहम सपोर्ट है, जबकि 24,600 से 24,800 के बीच का दायरा निकट अवधि में रेजिस्टेंस का काम करेगा।
हालांकि गुरुवार की शुरुआती तेजी के बावजूद व्यापक रुझान अभी दबाव में है, क्योंकि पिछले तीन दिनों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 4 प्रतिशत तक गिर चुके हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।









