Share Market Updates: 12 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते की शुरुआत कमजोर नोट पर की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही नुकसान के साथ खुले। घरेलू और वैश्विक कारकों के दबाव में निवेशकों की धारणा कमजोर रही, जिससे बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा।
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शुरुआती कारोबार में गिरावट

सेंसेक्स 0.17 प्रतिशत गिरकर 83,433.30 पर खुला। निफ्टी बैंक 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,669 पर कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में ही बाजार में दबाव साफ दिखाई दिया।
क्यों लड़खड़ा रहा बाजार?
जानकारों के अनुसार भारतीय और वैश्विक जियोपॉलिटिकल घटनाओं का असर बाजार पर पड़ा है।अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर चल रही अनिश्चितता और अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणियों ने निवेशकों को चिंतित किया। वेनेजुएला में राजनीतिक घटनाक्रम, ईरान में संकट और ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की धमकियों ने भी बाजार पर दबाव डाला। इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) में तेजी आई है, जो आगे बड़ी अस्थिरता का संकेत देता है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप टैरिफ पर फैसला नहीं आया है, जिससे निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है। Q3 के नतीजे और बड़ी कंपनियों जैसे टेक सेक्टर, बैंकिंग और RIL की मैनेजमेंट कमेंट्री शॉर्ट टर्म में बाजार की दिशा तय करेगी।
एशियाई बाजारों का हाल
ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.83 प्रतिशत चढ़ा। Kosdaq इंडेक्स भी 0.4 प्रतिशत बढ़ा। जापान का बाजार नेशनल हॉलिडे के कारण बंद रहा।
अमेरिकी बाजार में तेजी
9 जनवरी को अमेरिकी इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स तेजी के साथ बंद हुए। S&P 500 0.65 प्रतिशत बढ़कर 6,966.28 पर बंद हुआ, जो इंट्राडे का सबसे ऊंचा स्तर था। नैस्डेक कम्पोजिट 0.81 प्रतिशत चढ़कर 23,671.35 पर पहुंचा। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 237.96 अंक या 0.48 प्रतिशत उछलकर 49,504.07 के नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ।
अमेरिकी डॉलर और रुपया

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) सोमवार सुबह 0.01 प्रतिशत गिरकर 99.13 पर आ गया। यह एक महीने के उच्च स्तर से नीचे आया है। 9 जनवरी को रुपया 0.14 प्रतिशत मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 90.17 पर बंद हुआ। डॉलर इंडेक्स अन्य प्रमुख करेंसीज जैसे ब्रिटिश पाउंड, यूरो, स्वीडिश क्रोना, जापानी येन और स्विस फ्रैंक के मुकाबले डॉलर की मजबूती या कमजोरी को दर्शाता है।
क्रूड ऑयल की कीमतें
ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच तेल की कीमतें स्थिर रहीं। निवेशकों की नजरें ईरान से तेल सप्लाई में संभावित रुकावट और अमेरिका की मंजूरी के साथ वेनेजुएला से सप्लाई पर टिकी हैं।शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं। US बेंचमार्क WTI 0.49 प्रतिशत बढ़कर 59.41 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा। ब्रेंट क्रूड 0.41 प्रतिशत बढ़कर 63.62 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता नजर आया।









