
Share Market News: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार,16 अक्टूबर 2026 को लगातार दूसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुले, लेकिन गुरुवार की जोरदार तेजी के मुकाबले शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बढ़त की रफ्तार धीमी रही। कारोबार के पहले घंटे में सेंसेक्स करीब 400 अंकों से ज्यादा चढ़ा, जबकि निफ्टी में 100 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। बैंक निफ्टी में मामूली बढ़त के साथ उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के नतीजों पर बनी हुई है।
Stock Market Today : शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 345 अंक चढ़ा, आईटी शेयरों में जोरदार
गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी में आई थी जोरदार तेजी
इससे पहले गुरुवार को शेयर बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली थी। बीएसई सेंसेक्स 1,533.72 अंक यानी 2.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,315.61 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,548.4 अंक उछलकर 74,330.29 के स्तर तक पहुंच गया था। यह करीब तीन सप्ताह में सेंसेक्स का सबसे ऊंचा बंद स्तर था।
वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 374.65 अंकों यानी 1.66 प्रतिशत की तेजी आई थी और यह 22,997.35 पर बंद हुआ था। निफ्टी का यह 25 सितंबर के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था। बैंकिंग, आईटी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी थी।
शेयर बाजार में तेजी के पीछे क्या रहे कारण?

गुरुवार की तेजी के पीछे घरेलू और वैश्विक दोनों तरह के कारक रहे। बैंकिंग और आईटी शेयरों में खरीदारी के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में मजबूती ने प्रमुख सूचकांकों को सहारा दिया। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी निवेशकों की धारणा को मजबूत किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में सुधार और कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर उम्मीदों ने भी बाजार को सहारा दिया। हालांकि, शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में तेजी की रफ्तार गुरुवार जैसी नहीं रही। ऐसे में निवेशकों के लिए यह देखना अहम है कि बाजार में खरीदारी आगे भी बनी रहती है या नहीं।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से निवेशकों को मिला सहारा
अमेरिका में लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला प्रतिफल यानी ट्रेजरी यील्ड सितंबर के बाद के निचले स्तर पर पहुंचने की खबरों ने भी निवेश धारणा को प्रभावित किया। जब बॉन्ड यील्ड घटती है, तो कुछ निवेशकों के लिए शेयर जैसे जोखिम वाले निवेश अपेक्षाकृत आकर्षक हो सकते हैं।
इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखे जाने की संभावनाओं पर भी बाजार की नजर है। हालांकि, ब्याज दरों को लेकर अंतिम फैसला केंद्रीय बैंक की आर्थिक परिस्थितियों और महंगाई के आकलन पर निर्भर करेगा। वैश्विक ब्याज दरों में बदलाव का असर भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेश प्रवाह पर भी पड़ सकता है।
SEBI के फैसले से ट्रेडर्स को राहत की उम्मीद
शेयर बाजार में तेजी के बीच भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी का एक फैसला भी चर्चा में रहा। सेबी ने गुरुवार को कहा कि एक्सपायरी वाले शेयर और सूचकांक डेरिवेटिव सौदों का निपटारा अब नियमित कारोबारी सत्र के आखिरी 30 मिनट के वॉल्यूम-वेटेड औसत भाव के आधार पर किया जाएगा। इससे पहले निपटारे के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यानी CAS पर आधारित व्यवस्था का फैसला किया गया था। नए निर्देश से डेरिवेटिव कारोबार करने वाले ट्रेडर्स की निपटान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। हालांकि, इस फैसले का वास्तविक असर नियमों के कार्यान्वयन और बाजार में कारोबार के तरीके पर निर्भर करेगा।
कच्चे तेल और महंगाई की चिंता अब भी बरकरार
शेयर बाजार में तेजी के बावजूद कुछ जोखिम बने हुए हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगाई को लेकर चिंता और मध्य पूर्व में जारी तनाव निवेशकों को सतर्क कर सकते हैं। यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आती है, तो भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और कंपनियों के तिमाही नतीजे भी शेयरों की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसलिए बाजार की शुरुआती तेजी को पूरे कारोबारी दिन के रुझान का संकेत मानने से पहले अन्य कारकों पर नजर रखना जरूरी है।
निवेशकों की नजर बाजार की अगली चाल पर

शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी का हरे निशान में खुलना बाजार में सकारात्मक रुझान दिखाता है, लेकिन गुरुवार के मुकाबले धीमी तेजी यह भी बताती है कि निवेशक सतर्क बने हुए हैं। बैंकिंग, आईटी और बड़े कंपनियों के शेयरों की चाल के साथ वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और सेबी के फैसले से जुड़े घटनाक्रम बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों को कोई भी फैसला लेने से पहले जोखिम और अपनी निवेश रणनीति का आकलन करना चाहिए।











