Share Market News: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 18 अगस्त को कारोबार की शुरुआत एक बार फिर गिरावट के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। इसी दबाव के बीच बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 309 अंकों की गिरावट के साथ 77,418 के स्तर पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी लाल निशान में कारोबार शुरू करता नजर आया। निफ्टी 63 अंक टूटकर 24,223 के स्तर पर खुला। बाजार खुलने से पहले ही संकेत मिल रहे थे कि मंगलवार को दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का दबाव रह सकता है।
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सोमवार को भी बाजार में रही थी कमजोरी
इससे एक दिन पहले यानी सोमवार को भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 281 अंक फिसलकर 77,728 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में 78 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,287 के स्तर पर बंद हुआ। लगातार कमजोर प्रदर्शन के बीच अब निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर बनी हुई है।
गिफ्ट निफ्टी ने दिए थे गिरावट के संकेत
भारतीय बाजार खुलने से पहले गिफ्ट निफ्टी करीब 24,320 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से लगभग 72.70 अंक नीचे था। इससे संकेत मिल रहा था कि घरेलू बाजार की शुरुआत दबाव में हो सकती है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में कारोबार मिश्रित रहा। एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स करीब 0.3 फीसदी ऊपर रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 2 फीसदी चढ़ा। जापान का निक्केई 225 शुरुआती कमजोरी के बावजूद निचले स्तरों से संभलता दिखाई दिया। टॉपिक्स भी कमजोर शुरुआत के बाद बढ़त वाले क्षेत्र में लौट आया। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर खुला। इस मिश्रित वैश्विक माहौल का असर भारतीय बाजार की धारणा पर भी पड़ा।
अमेरिकी बाजार से भी नहीं मिला मजबूत सहारा
अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा कारोबार में भी मंगलवार को खास मजबूती नहीं दिखी। सोमवार रात प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स कमजोर होकर सप्ताह की शुरुआत करने के बाद डॉव जोन्स फ्यूचर्स करीब 25 अंक नीचे रहे। वहीं एसएंडपी 500 और नैस्डैक-100 फ्यूचर्स भी मामूली गिरावट में कारोबार करते नजर आए।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमत बनी चिंता
भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता इस समय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड करीब 0.3 फीसदी बढ़कर 91.14 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड भी 42 सेंट की बढ़त के साथ 85.04 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ा सकती है, जिसका असर बाजार की धारणा पर पड़ सकता है।
अमेरिका-ईरान तनाव पर निवेशकों की नजर
भू-राजनीतिक मोर्चे पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव भी बाजार के लिए अहम जोखिम बना हुआ है। ईरान की ओर से अमेरिकी संघर्ष के बीच आक्रामक सैन्य रुख अपनाने की तैयारी की खबरों ने चिंता बढ़ाई है। ऐसे घटनाक्रम से कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
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लगातार तीसरे दिन चढ़ा सोना
दूसरी ओर, सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने की कीमतों में लगातार तीसरे सत्र तेजी दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड करीब 0.4 फीसदी बढ़कर 4,431.09 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी करीब 0.3 फीसदी बढ़कर 4,487.70 डॉलर प्रति औंस हो गया। बाजार में अब आगे की दिशा के लिए वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनी रहेगी।










