Share Market News: शेयर बाजार में हाहाकार! 8 हफ्तों से लगातार गिरावट, 25 साल बाद बना ऐसा रिकॉर्ड

शेयर बाजार लगातार आठवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ है। निफ्टी और सेंसेक्स में लगातार कमजोरी के बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली, महंगा कच्चा तेल, कमजोर रुपया और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड जैसे कारण चर्चा में हैं। 2001 के बाद बाजार में इतनी लंबी साप्ताहिक गिरावट पहली बार दर्ज हुई है।

शेयर बाजार में हाहाकार!

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 2, 2026

Share Market News: भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर लगातार लंबा होता जा रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी लगातार 8वें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए हैं। बाजार में करीब 25 साल बाद इतनी लंबी साप्ताहिक कमजोरी देखने को मिली है। गुरुवार, 1 अक्टूबर को भी दोनों प्रमुख सूचकांकों में करीब एक फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। लगातार बिकवाली के चलते निवेशकों की संपत्ति पर भी बड़ा असर पड़ा।

गुरुवार को कारोबार के शुरुआती करीब एक घंटे में ही निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग 9 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई थी। हालांकि, कारोबार के आगे बढ़ने के साथ बाजार ने कुछ नुकसान की भरपाई की।

Amazon Great Indian Festival 2026: Amazon की बड़ी सेल का ऐलान, 8

सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट?

सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट?
सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट?

गुरुवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.80 फीसदी फिसलकर 71,909.70 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 में 198.50 अंक यानी 0.88 फीसदी की गिरावट रही और यह 22,421.95 पर बंद हुआ। पूरे सप्ताह के प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी में करीब 3.1 फीसदी और सेंसेक्स में लगभग 2.7 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। वहीं पिछले आठ सप्ताह में निफ्टी करीब 8.7 फीसदी और सेंसेक्स लगभग 8.4 फीसदी नीचे आया है।

2001 के बाद पहली बार इतना लंबा गिरावट का दौर

2001 के बाद पहली बार इतना लंबा गिरावट का दौर
2001 के बाद पहली बार इतना लंबा गिरावट का दौर

बाजार की मौजूदा कमजोरी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दोनों प्रमुख इंडेक्स लगातार आठ सप्ताह लाल निशान में बंद हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक निफ्टी के लिए यह 2001 के बाद सबसे लंबा साप्ताहिक गिरावट का दौर है। इसका मतलब है कि बाजार पर दबाव केवल एक-दो कारोबारी सत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि करीब दो महीने से निवेशकों की धारणा प्रभावित है।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

बाजार पर दबाव बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली शामिल है। 30 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 10,148 करोड़ रुपये की निकासी की। सितंबर महीने में उनका कुल आउटफ्लो लगभग 44,013 करोड़ रुपये रहा। बड़े स्तर पर विदेशी पूंजी निकलने से शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता है और इसका असर प्रमुख इंडेक्स पर दिखाई देता है।

महंगा कच्चा तेल और कमजोर रुपया

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। भारत अपनी तेल जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में महंगा कच्चा तेल आयात बिल और महंगाई बढ़ाने के साथ रुपये पर भी दबाव डाल सकता है। विदेशी पूंजी की निकासी और तेल की ऊंची कीमतों के बीच रुपया भी कमजोर हुआ। 1 अक्टूबर को रुपया करीब 96.32 प्रति डॉलर तक पहुंच गया, जो लगभग दो महीने का निचला स्तर बताया गया।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से भी दबाव

अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड करीब 5.3 फीसदी तक पहुंचने से भी उभरते बाजारों के लिए चुनौती बढ़ी है। अमेरिकी बॉन्ड में बेहतर रिटर्न मिलने पर विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय जैसे बाजारों में निवेश का आकर्षण प्रभावित हो सकता है।

ऑटो शेयरों में तेज गिरावट

गुरुवार को ऑटो सेक्टर के शेयरों ने बाजार की गिरावट को और बढ़ाया। सितंबर की बिक्री के आंकड़े उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहने के बाद कई ऑटो कंपनियों के शेयरों में दबाव देखा गया। बजाज ऑटो करीब 8 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा लगभग 3 फीसदी और मारुति सुजुकी करीब 5 फीसदी तक नीचे आए। आठ सप्ताह की गिरावट में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स करीब 19.5 फीसदी, मारुति लगभग 18.9 फीसदी और महिंद्रा एंड महिंद्रा करीब 18.3 फीसदी कमजोर हुए।

IT शेयरों ने दिया बाजार को सहारा

IT शेयरों ने दिया बाजार को सहारा
IT शेयरों ने दिया बाजार को सहारा

बाजार में व्यापक कमजोरी के बीच आईटी सेक्टर ने कुछ राहत दी। गुरुवार को निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2 फीसदी मजबूत हुआ। एमफैसिस, कोफोर्ज और इंफोसिस जैसे शेयरों में करीब 4 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। इससे बाजार की कुल गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।

Gold Rate Today: सोने की कीमत फिर बढ़ी, चांदी हुई 5 हजार रुपये सस्ती; खरीदने से