Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में किस दिन किस देवी की पूजा करें? जानें मां दुर्गा के 9 स्वरूप और मंत्र

शारदीय नवरात्रि में देवी के स्वरूप के अनुसार विधि-विधान से पूजा करने और उनके विशेष मंत्रों का जाप करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

Shardiya Navratri 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अक्टूबर 8, 2026

Shardiya Navratri 2026: सनातन संस्कृति में शारदीय नवरात्रि का पर्व अत्यंत पवित्र, ऊर्जावान और उल्लासपूर्ण माना जाता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होने वाला यह नौ दिवसीय महापर्व माता दुर्गा की उपासना, साधना और उनकी आराधना को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन नौ दिनों में जगत जननी मां दुर्गा का पृथ्वी पर आगमन होता है और वे अपने सभी भक्तों के कष्टों को दूर कर उनकी झोलियां खुशियों से भर देती हैं। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 2026 का यह पावन पर्व श्रद्धालुओं के लिए विशेष उत्साह लेकर आ रहा है। आइए जानते हैं नवरात्रि की तिथियों, कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों से जुड़ी संपूर्ण जानकारी।

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तिथियां एवं कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

Shardiya Navratri 2026
नवरात्रि में किस दिन किस देवी की पूजा करें?

पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 को रात्रि 9 बजकर 19 मिनट से आरंभ होकर 11 अक्टूबर 2026 को रात्रि 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर शारदीय नवरात्रि का आरंभ 11 अक्टूबर 2026 से होगा। इसी दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ विधि-विधान से घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाएगी।

घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त 11 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 19 मिनट से सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा, जो लोग इस अवधि में कलश स्थापित न कर सकें, वे दोपहर 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहने वाले अभिजित मुहूर्त में भी घटस्थापना कर सकते हैं।

नौ दिनों का पूरा कैलेंडर और तिथिवार देवियों की पूजा

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नवरात्रि में किस दिन किस देवी की पूजा करें?

नवरात्रि के इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है, जिनका विवरण इस प्रकार है:

11 अक्टूबर 2026 (पहला दिन): मां शैलपुत्री पूजा और घटस्थापना

12 अक्टूबर 2026 (दूसरा दिन): मां ब्रह्मचारिणी पूजा

13 अक्टूबर 2026 (तीसरा दिन): मां चंद्रघंटा पूजा

14 अक्टूबर 2026 (चौथा दिन): मां कूष्मांडा पूजा

15 अक्टूबर 2026 (पाँचवा दिन): मां स्कंदमाता पूजा

16 अक्टूबर 2026 (छठा दिन): षष्ठी पूजा और मां कात्यायनी पूजा

17 अक्टूबर 2026 (सातवाँ दिन): सप्तमी पूजा और मां कालरात्रि पूजा

18 अक्टूबर 2026 (आठवाँ दिन): महाअष्टमी पूजा और महागौरी उपासना

19 अक्टूबर 2026 (नौवाँ दिन): महानवमी पूजा और कन्या पूजन

माता के नौ स्वरूपों के पावन मंत्र

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नवरात्रि में किस दिन किस देवी की पूजा करें?

नवरात्रि के प्रत्येक दिन मां के विशेष स्वरूप के अनुसार उनके मंत्रों का जाप करना अत्यंत फलदायी और कल्याणकारी माना जाता है। इन मंत्रों के नियमित जाप से मानसिक शांति और माँ की असीम कृपा प्राप्त होती है:

मां शैलपुत्री मंत्र: ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः

मां ब्रह्मचारिणी मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:

मां चंद्रघंटा मंत्र: ॐ देवी चन्द्रघंटायै नमः

मां कूष्मांडा मंत्र: ॐ कूष्माण्डायै नमः

मां स्कंदमाता मंत्र: ॐ स्कन्दमात्राय नमः

मां कात्यायनी मंत्र: ॐ कात्यायनै नमः

मां कालरात्रि मंत्र: ॐ कालरात्र्यै नमः

मां महागौरी मंत्र: ॐ महागौर्यै नमः

मां सिद्धिदात्री मंत्र: ॐ सिद्धिदात्र्यै नमः

शारदीय नवरात्रि का यह पर्व न केवल आत्मकल्याण का माध्यम है, बल्कि यह हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, संयम और उत्साह का संचार भी करता है। इन नौ दिनों तक सच्चे मन से की गई आराधना जीवन के सभी संकटों का नाश करती है।

Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि 2026 का पहला दिन कब? 11 अक्टूबर को कलश

Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।