शनि देव होंगे वक्री, सिंह और धनु राशि वालों के लिए बढ़ेंगी चुनौतियां

द्रिक पंचांग के अनुसार, शनि देव 27 जुलाई 2026 को रात 10 बजकर 21 मिनट मीन राशि में उल्टी चाल यानी वक्री होने जा रहे हैं. शनि देव इस वक्री अवस्था में 11 दिसंबर 2026 तक रहेंगे. यानी पूरे 138 दिनों तक शनि देव वक्री स्थिति में ही संचरण करेंगे. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी कोई क्रूर या उग्र ग्रह वक्री होता है, तो उसका प्रभाव और अधिक तीव्र हो जाता है. ढैय्या से पीड़ित इन 2 राशियों के लिए रहेगा संघर्षपूर्ण समय वर्तमान में सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या का प्रभाव चल रहा है. शनि

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Published On :

जुलाई 9, 2026

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द्रिक पंचांग के अनुसार, शनि देव 27 जुलाई 2026 को रात 10 बजकर 21 मिनट मीन राशि में उल्टी चाल यानी वक्री होने जा रहे हैं. शनि देव इस वक्री अवस्था में 11 दिसंबर 2026 तक रहेंगे. यानी पूरे 138 दिनों तक शनि देव वक्री स्थिति में ही संचरण करेंगे. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी कोई क्रूर या उग्र ग्रह वक्री होता है, तो उसका प्रभाव और अधिक तीव्र हो जाता है.

ढैय्या से पीड़ित इन 2 राशियों के लिए रहेगा संघर्षपूर्ण समय
वर्तमान में सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या का प्रभाव चल रहा है. शनि के वक्री होने से इन दोनों ही राशियों के जातकों को अपने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कड़े अनुशासन और परीक्षा से गुजरना पड़ सकता है.

सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों पर इस समय शनि की अष्टम ढैय्या चल रही है. शनि का वक्री होना आपके लिए थोड़ा अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. नौकरी और व्यापार में आपको अत्यधिक मेहनत करनी पड़ेगी, लेकिन मनमुताबिक परिणाम मिलने में देरी हो सकती है. सहकर्मियों या उच्च अधिकारियों के साथ वाद-विवाद से बचें. इस अवधि में आपके खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है. निवेश के मामलों में बहुत सोच-समझकर कदम उठाएं, अन्यथा धन हानि के योग बन सकते हैं. सेहत को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है. मानसिक तनाव महसूस कर सकते हैं.

धनु राशि
धनु राशि के जातकों पर शनि की चतुर्थ ढैय्या का प्रभाव है. वक्री शनि आपके पारिवारिक और घरेलू जीवन को प्रभावित कर सकते हैं. घर-परिवार में किसी बात को लेकर गलतफहमियां या वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं. शांति और धैर्य से काम लें. भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी से जुड़े मामलों में रुकावटें आ सकती हैं. यदि कोई कानूनी या अदालती मामला चल रहा है, तो उसमें भागदौड़ बढ़ सकती है. कार्यक्षेत्र में काम का बोझ बढ़ेगा. इस दौरान नौकरी बदलने का विचार मन में आ सकता है, लेकिन कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में न लें.

शनि वक्री का साढ़ेसाती पर प्रभाव
शनि की वक्री चाल जहां साढ़ेसाती से जूझ रही कुछ राशियों (जैसे कुंभ) को थोड़ी राहत दे सकती है. इस अवधि में शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ फल दे सकता है.

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