Seva Teerth: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज यानी, 13 फरवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट (NSCS) और कैबिनेट सेक्रेटेरिएट वाले नए कॉम्प्लेक्स का नाम सेवा तीर्थ घोषित किया। प्रधानमंत्री के इस कदम को भारत के प्रशासनिक ढांचे में आधुनिक और नागरिक-केंद्रित बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
PMO Seva Teerth: PMO का नाम बदला, अब ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से जाना जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय!
भारत के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की पहल
आपको बता दें कि, 2014 के बाद से ही मोदी सरकार ने देश के कॉलोनियल अतीत और पुराने प्रतीकों से दूरी बनाने के लिए बहुत से बड़े कदम उठाए हैं। जिसके चलते कुछ प्रमुख नाम में बदलाव भी शामिल हैं, जैसे कि साउथ ब्लॉक को बदलकर सेवा तीर्थ, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट को बदलकर कर्तव्य भवन, राजपथ को बदलकर कर्तव्य पथ, रेस कोर्स रोड को बदलकर लोक कल्याण मार्ग और विभिन्न राजभवन तथा राज निवास का नाम बदलकर लोक भवन/लोक निवास करना। प्रधानमंत्री जल्द ही सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 एवं 2 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और शाम को यहां आयोजित पब्लिक प्रोग्राम को भी संबोधित करेंगे।
आधुनिक और एकीकृत गवर्नेंस कॉम्प्लेक्स

पहले कई मंत्रालय और सरकारी कार्यालय अलग-अलग जगहों पर फैले हुए थे, जिससे कार्य कुशलता, समन्वय और संचालन में कई समस्याएं उत्पन्न होती थीं। सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 एवं 2 इन सभी बाधाओं को दूर करते हुए आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किए गए हैं। इस कॉम्प्लेक्स में प्रधानमंत्री कार्यालय, नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट और कैबिनेट सेक्रेटेरिएट एक ही जगह पर हैं। कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामले मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, लॉ और जस्टिस, सूचना और प्रसारण, कृषि और किसान कल्याण, रसायन और उर्वरक तथा जनजातीय मामले मंत्रालय शामिल हैं।
मोदी सरकार की नेम चेंज पॉलिसी: PMO को ‘सेवा तीर्थ’, राजपथ को ‘कर्तव्य पथ’ बनाने की घोषणा
स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल डिजाइन
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन को डिजिटली इंटीग्रेटेड ऑफिस, स्ट्रक्चर्ड पब्लिक इंटरफेस और सेंट्रलाइज्ड रिसेप्शन फैसिलिटी के साथ डिजाइन किया गया है। यह प्रशासनिक कामों में सहयोग, दक्षता और नागरिक संपर्क को बढ़ावा देता है। कॉम्प्लेक्स 4-स्टार GRIHA स्टैंडर्ड्स के अनुसार बनाया गया है, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, वॉटर कंजर्वेशन उपाय, वेस्ट मैनेजमेंट समाधान और हाई-परफॉर्मेंस बिल्डिंग एनवेलप जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, सर्विलांस नेटवर्क और एडवांस्ड इमरजेंसी रिस्पॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर अधिकारियों और आगंतुकों के लिए सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करता है।
नागरिक-केंद्रित और भविष्य के लिए तैयार गवर्नेंस
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन आधुनिक भारत के प्रशासनिक दृष्टिकोण का प्रतीक हैं। ये कॉम्प्लेक्स भविष्य की जरूरतों और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किए गए हैं। प्रधानमंत्री के इस कदम से प्रशासनिक ढांचा अधिक सरल, कुशल और पारदर्शी बनेगा। आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षित माहौल के साथ यह संरचना कर्मचारियों और नागरिकों दोनों के लिए कार्यक्षमता और सुविधा बढ़ाएगी।









