Selfie With Daughter: जींद की मिट्टी से निकला संदेश, ‘सेल्फी विद डॉटर’ बना वैश्विक अभियान

'सेल्फी विद डॉटर' केवल एक सोशल मीडिया अभियान नहीं है, बल्कि यह बेटियों के प्रति समाज के दृष्टिकोण को बदलने का एक सशक्त माध्यम बन गया है।

Selfie With Daughter

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 8, 2026

Selfie With Daughter: हरियाणा के जींद जिले का एक छोटा सा गांव ‘बीबीपुर’ आज पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। नौ जून 2015 को इसी गांव के निवासी सुनील जागलान ने अपनी नवजात बेटी नंदिनी के साथ एक सेल्फी इंटरनेट मीडिया पर साझा की थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि पिता और बेटी की वह साधारण सी तस्वीर आने वाले समय में एक वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले लेगी। आज ‘सेल्फी विद डॉटर’ अभियान बेटियों के प्रति समाज की संकुचित सोच को बदलने और उनके सम्मान व समानता का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है।

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11 साल का सफर

‘सेल्फी विद डॉटर’ दिवस के 11 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस दौरान यह अभियान केवल एक सोशल मीडिया ट्रेंड तक सीमित न रहकर बेटियों के प्रति प्रेम और सम्मान का एक वैश्विक संदेश बन गया है। सुनील जागलान द्वारा शुरू की गई इस पहल की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया के 80 से अधिक देशों के लोग इसमें शामिल हो चुके हैं। अभियान के ऑनलाइन संग्रहालय में अब तक 10 लाख (एक मिलियन) से भी अधिक सेल्फी अपलोड की जा चुकी हैं, जो समाज में आए सकारात्मक बदलाव का प्रमाण हैं।

प्रधानमंत्री से लेकर अंतरराष्ट्रीय हस्तियों का मिला साथ

इस अभियान को वैश्विक पहचान दिलाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ में सात बार इस अभियान का उल्लेख किया और वैश्विक मंचों पर इसे बेटियों के प्रति सकारात्मक नजरिया विकसित करने वाले प्रेरक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की थी।

इतना ही नहीं, इस मुहिम से जुड़ने वालों में दुनिया भर की नामचीन हस्तियां भी शामिल हैं। डेविज बेकहम, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, सचिन तेंदुलकर, शाहरुख खान और अजय देवगन जैसे बड़े नामों ने अपनी बेटियों के साथ तस्वीरें साझा कर इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाया है।

‘एआई सेल्फी’: बेटियों के प्रति प्रेम का आधुनिक रूप

इस वर्ष ‘सेल्फी विद डॉटर’ अभियान ने नवाचार करते हुए ‘एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) सेल्फी विद डॉटर’ की थीम पेश की। यह उन माता-पिता के लिए एक अनूठा अवसर था जिनकी अपनी बेटी नहीं है। उन्होंने एआई के माध्यम से अपनी कल्पना की बेटी के साथ सेल्फी तैयार की और इस मुहिम का हिस्सा बने। इस अभिनव पहल को अप्रत्याशित समर्थन मिला और अब तक 32 हजार से अधिक एआई सेल्फियां अपलोड की जा चुकी हैं। इस वर्ष कुल दो लाख से ज्यादा तस्वीरें अपलोड हो चुकी हैं, जो समाज में बेटियों के महत्व को गहराई से रेखांकित करती हैं।

बेटियों को पहचान दिलाने का संकल्प

सुनील जागलान का मानना है कि बेटी नंदिनी के साथ ली गई उनकी पहली सेल्फी महज एक तस्वीर नहीं, बल्कि समाज की हर बेटी को उसका हक और पहचान दिलाने का एक संकल्प था। यह अभियान आज नेपाल से लेकर अमेरिका और जापान से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक फैला हुआ है।

सुनील जागलान अपनी इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हैं, जिन्होंने एक स्थानीय प्रयास को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान किया। ‘सेल्फी विद डॉटर’ आज केवल एक नारा नहीं, बल्कि उस बदलते भारत की तस्वीर है, जो अपनी बेटियों के साथ गर्व से खड़ा है और उनके उज्ज्वल भविष्य का सपना देखता है।

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