SCO Summit: उज्बेकिस्तान से किर्गिस्तान तक PM Modi का दौरा, व्यापार-रक्षा पर बनेगी रणनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के दौरे पर हैं। ताशकंद में व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

SCO Summit

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 29, 2026

SCO Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के विशेष निमंत्रण पर दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के तहत ताशकंद के लिए रवाना हो चुके हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ करना है। ताशकंद में प्रतिनिधिमंडल स्तर की उच्चस्तरीय वार्ताओं के बाद, प्रधानमंत्री 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचेंगे, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

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व्यापार, रक्षा और ऊर्जा साझेदारी पर होगी व्यापक चर्चा

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेता व्यापार और निवेश, रक्षा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और सांस्कृतिक संबंधों जैसे अहम क्षेत्रों की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही ‘विकसित भारत 2047’ और ‘उज्बेकिस्तान-2030’ के साझा विकास लक्ष्यों को गति देने के लिए भविष्य का एजेंडा भी तय किया जाएगा।

उज्बेकिस्तान में भारत की राजदूत स्मिता पंत ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में 300 प्रतिशत और निवेश में 700 प्रतिशत से अधिक की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। इस यात्रा के दौरान फार्मास्युटिकल, स्वास्थ्य, कृषि, फिनटेक और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की दीर्घकालिक आपूर्ति व्यवस्था को लेकर कई अहम समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। हालांकि, दोनों देशों के बीच व्यापारिक विस्तार में भौगोलिक कनेक्टिविटी एक बड़ी बाधा रही है, जिसे दूर करने के उपायों पर भी विशेष मंथन किया जाएगा।

सांस्कृतिक जुड़ाव और ऐतिहासिक स्थल का दौरा

यह प्रधानमंत्री मोदी का चौथा उज्बेकिस्तान दौरा है। इससे पहले उन्होंने 2015, 2016 और 2022 में भी वहां की यात्रा की थी। अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ताशकंद स्थित शास्त्री मेमोरियल और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में स्थापित महात्मा गांधी सेंटर का भी दौरा करेंगे। वे यूनिवर्सिटी में भारतीय संस्कृति के जानकारों (इंडोलॉजिस्ट) और प्रमुख विद्वानों के साथ सीधा संवाद भी करेंगे, जो दोनों देशों के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगा।

किर्गिस्तान में 26वें एससीओ समिट में सहभागिता

उज्बेकिस्तान के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक जाएंगे, जहां वे एससीओ के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस वर्ष इस प्रतिष्ठित संगठन की स्थापना के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं, और इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘एससीओ के 25 साल: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ-साथ’ रखा गया है।

बिश्केक में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों के तहत 31 अगस्त को एक स्वागत रात्रिभोज (वेलकम डिनर) का आयोजन किया जाएगा, जिसके अगले दिन मुख्य शिखर सम्मेलन की बैठक होगी। इस उच्चस्तरीय मंच पर प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग तथा आर्थिक साझेदारी के मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण रखेंगे। इसके अलावा, सम्मेलन से इतर कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों का भी कार्यक्रम तय किया गया है, जिससे क्षेत्रीय कूटनीति को और मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है।

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