
Saudi Arabia Houthi Attack : यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब की राजधानी रियाद में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इन हमलों के बीच सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रिंस को कड़ी सुरक्षा वाले महलों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
सुरक्षित महलों में रह रहे हैं प्रिंस सलमान
रिपोर्ट में सऊदी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि पिछले छह दिनों से मोहम्मद बिन सलमान को चुनिंदा सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में अलग-अलग सुरक्षित महलों में ले जाया जा रहा है। इन महलों में बंकर जैसी सुरक्षा सुविधाएं होने की बात कही गई है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि हूती हमले तेज होने के बाद से प्रिंस सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, उनकी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी इन जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले
सऊदी अरब के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को हुए हमले में 13 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर सामने आई। इसे एक दशक से अधिक समय में देश के सबसे घातक हमलों में से एक बताया गया है। रविवार को हवाई अड्डे पर फिर हमला हुआ, जिसमें एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत और 11 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई।
ट्रंप ने अमेरिकी हस्तक्षेप के दिए संकेत
लगातार हमलों के बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष बढ़ने की आशंका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब के साथ जो हो रहा है, वह स्वीकार्य नहीं है। अमेरिका की संभावित सैन्य भागीदारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस पर विचार करेंगे। इससे क्षेत्रीय संघर्ष में अमेरिका के सीधे शामिल होने की आशंका बढ़ गई है।

ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने की निंदा
हूती हमलों की ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने कड़ी आलोचना की है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने नागरिक ठिकानों पर हमलों को निंदनीय बताते हुए कहा कि इससे संघर्ष और खतरनाक हो रहा है। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन सऊदी अरब को हवाई रक्षा और हवा में ईंधन भरने से जुड़ी सहायता दे रहा है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हमलों को खतरनाक तनाव वृद्धि करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे क्षेत्रीय हिंसा बढ़ने के साथ वैश्विक परिवहन और ऊर्जा ढांचे पर भी असर पड़ सकता है।
हूतियों ने चार सैन्य अभियानों का दावा किया
हूती विद्रोहियों ने रविवार रात हुए हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने 24 घंटे के भीतर बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन के जरिए चार अभियान चलाए। उनके अनुसार, हवाई अड्डे के अलावा सऊदी ऊर्जा प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया गया। सऊदी नागरिक विमानन प्राधिकरण ने हमले की निंदा करते हुए बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की बात कही।

मृतकों में कई देशों के नागरिक शामिल
रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार के हमले में मारे गए लोगों में चार सऊदी नागरिक भी थे। मृतकों में बांग्लादेश, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन, सूडान और भारत के नागरिक शामिल बताए गए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हमले की निंदा की और नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया।
यमन संघर्ष से बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
सऊदी अरब वर्ष 2015 से यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता रहा है। युद्धविराम कमजोर पड़ने और हालिया हमलों के बाद संघर्ष के और गहराने की आशंका है। यदि अमेरिका हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य कार्रवाई करता है, तो ईरान से जुड़े व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का दायरा बढ़ सकता है। ऐसे में रियाद पर हमले केवल सऊदी सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मध्य पूर्व की स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी चुनौती बन सकते हैं।
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