Satyagrah Express : दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से चलकर रक्सौल जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस (15274) में उस समय हड़कंप मच गया, जब ट्रेन के भीतर अचानक शराब की बोतलें गिरने लगीं। यह घटना स्लीपर कोच एस-4 और एस-5 के बीच स्थित शौचालय के पास की है। दोपहर करीब 11:30 बजे, जब ट्रेन उत्तर प्रदेश के पिपराइच स्टेशन से कप्तानगंज की ओर बढ़ रही थी, तब बाथरूम के ऊपर लगे सीलिंग पैनल से अचानक एक-एक कर अंग्रेजी शराब की बोतलें नीचे गिरने लगीं। यात्रियों के लिए यह दृश्य किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था, जहां छत से पानी के बजाय शराब की बारिश हो रही थी।
बिहार में शराबबंदी के बीच तस्करी का ‘सीलिंग’ कनेक्शन
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद से ही शराब माफिया तस्करी के नए और सुरक्षित रास्तों की तलाश में रहते हैं। इस घटना ने साफ कर दिया है कि तस्कर अब रेलवे को अपना सबसे बड़ा माध्यम बना रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि तस्करों ने शराब छिपाने के लिए कोच के सीलिंग पैनल (छत के अंदर का हिस्सा) का उपयोग किया। यात्रियों ने जब बोतलों को गिरते देखा, तो तुरंत इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को दी। जांच में प्रारंभिक तौर पर यह स्पष्ट हो गया है कि यह शराब की तस्करी का एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था, जिसे बिहार में खपाने के लिए ले जाया जा रहा था।
वाशिंग पिट में रची गई बड़ी साजिश की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि शराब की बोतलों को इतनी सफाई से सीलिंग के अंदर फिट करना चलती ट्रेन में संभव नहीं है। संभावना जताई जा रही है कि जब ट्रेन वाशिंग पिट में सफाई के लिए खड़ी होती है, उसी समय तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों की मदद से सीलिंग पैनल को खोलकर उसमें भारी मात्रा में शराब भरी गई होगी। तस्करों की योजना इन बोतलों को बिहार के किसी स्टेशन पर उतारने की थी, लेकिन ट्रेन के झटकों या पैनल के ढीला होने के कारण उनका भंडाफोड़ बीच रास्ते में ही हो गया। यह तकनीक सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी सेंध की ओर इशारा करती है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, सुरक्षा पर उठे सवाल
इस पूरी घटना का वीडियो कोच में मौजूद यात्रियों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे छत से बोतलें नीचे गिर रही हैं और यात्री हैरान-परेशान हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद भारतीय रेलवे की चौकसी और कोच की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। आम जनता अब यह पूछ रही है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध सामान कोच के अंदर कैसे पहुंचा और सुरक्षाकर्मियों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?
रेलवे पुलिस और प्रशासन की कड़ी कार्रवाई का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गई है। राजकीय रेल थाना (GRP) के थानाध्यक्ष पवन कुमार ने इस मामले की गहन जांच की पुष्टि की है। वहीं, रक्सौल आरपीएफ के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार मिश्रा ने बयान दिया कि घटना की जानकारी मिलते ही आरपीएफ अलर्ट मोड पर है। ट्रेन के रक्सौल पहुंचने पर पूरी सघन तलाशी ली गई और हर संदिग्ध कोने की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के पीछे जो भी लोग शामिल हैं, उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और वाशिंग पिट से लेकर यात्रा के दौरान हुई चूक की भी जांच होगी।
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