ट्रंप प्रशासन के निर्देश पर सैटेलाइट इमेजरी बंद, क्या ईरान के हमलों में हुए नुकसान को छिपा रहा है अमेरिका

वॉशिंगटन प्लेनेट लैब्स एक सैटेलाइट इमेजिंग कंपनी है जो सरकारों, कंपनियों और मीडिया कंपनियों को उपग्रह से ली गई तस्वीरें बेचता है। उसके ताजा फैसले को लेकर पेंटागन ने कहा कि 'वह इंटेलिजेंस से जुड़े मामलों पर टिप्पणी नहीं करता है।' ईरान-इजरायल युद्ध की तस्वीरें जारी नहीं करेगा प्लेनेट लैब्स वॉशिंगटन: सैटेलाइट इमेजिंग कंपनी प्लेनेट लैब्स ने बयान जारी करते हुए कहा है कि वह अमेरिकी सरकार के अनुरोध का पालन करते हुए ईरान और पश्चिम एशिया के संघर्ष वाले क्षेत्र की तस्वीरें अनिश्चित काल के लिए रोक रही है। कैलिफोर्निया स्थित प्लेनेट लैब्स ने अपने ग्राहकों को भेजे एक

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Published On :

अप्रैल 6, 2026

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वॉशिंगटन
प्लेनेट लैब्स एक सैटेलाइट इमेजिंग कंपनी है जो सरकारों, कंपनियों और मीडिया कंपनियों को उपग्रह से ली गई तस्वीरें बेचता है। उसके ताजा फैसले को लेकर पेंटागन ने कहा कि 'वह इंटेलिजेंस से जुड़े मामलों पर टिप्पणी नहीं करता है।'

ईरान-इजरायल युद्ध की तस्वीरें जारी नहीं करेगा प्लेनेट लैब्स
वॉशिंगटन: सैटेलाइट इमेजिंग कंपनी प्लेनेट लैब्स ने बयान जारी करते हुए कहा है कि वह अमेरिकी सरकार के अनुरोध का पालन करते हुए ईरान और पश्चिम एशिया के संघर्ष वाले क्षेत्र की तस्वीरें अनिश्चित काल के लिए रोक रही है। कैलिफोर्निया स्थित प्लेनेट लैब्स ने अपने ग्राहकों को भेजे एक ईमेल में इस फैसले की घोषणा की है। इसने बताया है कि अमेरिकी सरकार ने सैटेलाइट इमेज देने वाली सभी कंपनियों से कहा है कि वे संघर्ष वाले क्षेत्र की तस्वीरें जारी करना अनिश्चित काल के लिए रोक दें। प्लेनेट लैब्स ने पिछले महीने ही पश्चिम एशिया की तस्वीरें जारी करने पर 14 दिनों की रोक लगा दी थी और अब उसे बढ़ा दिया गया है।

कंपनी ने उस दौरान कहा था कि इस कदम का मकसद विरोधियों को इन इमेज का इस्तेमाल करके अमेरिका और उसके सहयोगियों पर हमला करने से रोकना है। प्लेनेट लैब्स ने कहा कि वह 9 मार्च से पहले की तस्वीरों को जारी नहीं करेगा और उसे उम्मीद है कि यह नीति तब तक लागू रहेगी जब तक संघर्ष समाप्त नहीं हो जाता। आपको बता दें कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले की शुरूआत की थी। इसके बाद ईरानी मिसाइलों ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमलों की शुरूआत की थी।

प्लेनेट लैब्स ईरान-अमेरिका युद्ध की तस्वीरें जारी नहीं करेगा
ईरान के मिसाइल हमलों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कतर और बहरीन जैसे देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। विरोधियों का कहना है कि ईरान के मिसाइल हमलों में अमेरिका को इतना ज्यादा नुकसान हुआ है कि वो नहीं चाहता कि तस्वीरें बाहर आएं। इसीलिए ट्रंप प्रशासन ने तस्वीरों के जारी करने पर रोक लगा दी है।आपको बता दें कि सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के मिलिट्री इस्तेमाल में टारगेट की पहचान, हथियारों को गाइड करना, मिसाइल को ट्रैक करना और कम्युनिकेशन शामिल हैं। कुछ स्पेस एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईरान कमर्शियल इमेजिंग का इस्तेमाल कर सकता है, जिसमें अमेरिका के दुश्मनों से मिली तस्वीरें भी शामिल हैं। सैटेलाइट तस्वीरें उन पत्रकारों और मिलिट्री एक्सपर्ट्स की भी मदद करती हैं जो उन जगहों का अध्ययन कर रहे हैं जहां पहुंचना मुश्किल है।

सैटेलाइट इमेजिंग कंपनी प्लेनेट लैब्स क्या है?
प्लेनेट लैब्स एक सैटेलाइट इमेजिंग कंपनी है जो सरकारों, कंपनियों और मीडिया कंपनियों को उपग्रह से ली गई तस्वीरें बेचता है। उसके ताजा फैसले को लेकर पेंटागन ने कहा कि 'वह इंटेलिजेंस से जुड़े मामलों पर टिप्पणी नहीं करता है।' प्लेनेट लैब्स ने कहा है कि वो ऐसी तस्वीरें जारी करेगा जो संवेदनशील ना हों और जिनसे जोखिम ना बढ़े। प्लेनेट लैब्स सैटेलाइट से पृथ्वी की तस्वीरें लेता है खासकर जिन इलाकों में संघर्ष छिड़ा हो या प्राकृतिक आपदा आई हो। यह दुनिया के सबसे बड़े अर्थ-इमेजिंग सैटेलाइट बेड़े का संचालन करती है जिसमें लगभग 200 सक्रिय उपग्रह शामिल हैं। प्लैनेट लैब्स भारत में भी सक्रिय है और सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर भूमि उपयोग और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में डेटा सहायता प्रदान करती है।

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