Sanjiv Goenka: संजीव गोयनका की टीम का जलवा, सुपर जायंट्स ने पहली बार अपने नाम की ट्रॉफी

संजीव गोयनका की टीम ने द हंड्रेड 2026 के फाइनल में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर पहली बार खिताब अपने नाम कर लिया। ट्रेंट रॉकेट्स के खिलाफ मुकाबले में सुपर जायंट्स ने शानदार प्रदर्शन किया। टिम साइफर्ट की तूफानी पारी ने जीत की नींव रखी। आखिर कैसे बदला मैच का रुख?

संजीव गोयनका की टीम का जलवा

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 17, 2026

Sanjiv Goenka: संजीव गोयनका के स्वामित्व वाली मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने द हंड्रेड 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। 16 अगस्त को खेले गए फाइनल में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने ट्रेंट रॉकेट्स को 5 विकेट से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस ऐतिहासिक जीत के नायक टिम साइफर्ट रहे, जिन्होंने शानदार अर्धशतक लगाकर टीम की जीत की राह आसान कर दी।

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फाइनल में ट्रेंट रॉकेट्स ने रखा 159 रन का लक्ष्य

फाइनल मुकाबले में ट्रेंट रॉकेट्स ने पहले बल्लेबाजी की। टीम ने निर्धारित 100 गेंदों में 158 रन बनाए और मैनचेस्टर के सामने 159 रनों का लक्ष्य रखा। खिताबी मुकाबले में लक्ष्य का पीछा करने उतरी मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की जरूरत थी। टीम के बल्लेबाजों ने दबाव में शानदार खेल दिखाया और रन चेज को नियंत्रण में रखा। हालांकि मुकाबले में कई मौकों पर रोमांच देखने को मिला, लेकिन मैनचेस्टर ने अंत तक अपनी पकड़ बनाए रखी और 5 विकेट से जीत हासिल कर ली।

टिम साइफर्ट ने खेली मैच विनिंग पारी

मैनचेस्टर की जीत में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज टिम साइफर्ट का योगदान सबसे अहम रहा। उन्होंने केवल 38 गेंदों पर 72 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में 4 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। साइफर्ट ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से रॉकेट्स के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अलावा जोस बटलर और लियूस डी प्लॉय ने भी उपयोगी पारियां खेलते हुए टीम की जीत में योगदान दिया।

पहली बार मैनचेस्टर के हाथ लगी ट्रॉफी

मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के लिए यह खिताब इसलिए भी खास है क्योंकि यह द हंड्रेड में टीम की पहली चैंपियनशिप है। इससे पहले टीम मैनचेस्टर ओरिजिनल्स के नाम से प्रतियोगिता में हिस्सा लेती थी। मैनचेस्टर ओरिजिनल्स ने 2022 और 2023 में फाइनल तक जगह बनाई थी, लेकिन दोनों बार टीम को खिताबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। 2022 के फाइनल में ट्रेंट रॉकेट्स ने उसे हराया था, जबकि 2023 में ओवल इनविंसिबल्स ने मैनचेस्टर का खिताब जीतने का सपना तोड़ दिया था। अब छह सीजन के सफर के बाद मैनचेस्टर की पुरुष टीम आखिरकार द हंड्रेड की ट्रॉफी जीतने में कामयाब रही है।

RPSG ग्रुप के लिए बड़ी उपलब्धि

मैनचेस्टर सुपर जायंट्स में RPSG ग्रुप की करीब 70 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके प्रमुख संजीव गोयनका हैं। क्रिकेट की अलग-अलग लीग में गोयनका की मौजूदगी लगातार बढ़ी है। भारत में उनकी टीम लखनऊ सुपर जायंट्स अभी तक IPL में खिताब हासिल नहीं कर सकी है। वहीं दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग में उनकी फ्रेंचाइजी डरबन सुपर जायंट्स फाइनल तक पहुंच चुकी है।

संजीव गोयनका का खेल जगत में निवेश क्रिकेट तक सीमित नहीं है। उनकी फ्रेंचाइजी मोहन बागान ने इंडियन सुपर लीग के 2022-23 सीजन में चैंपियन बनने में सफलता हासिल की थी। इस तरह मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की द हंड्रेड जीत उनके खेल निवेश से जुड़ी एक और बड़ी उपलब्धि बन गई है।

ऐतिहासिक जीत से बढ़ा टीम का कद

मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने द हंड्रेड 2026 का खिताब जीतकर अपने इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। टिम साइफर्ट की शानदार बल्लेबाजी और टीम के सामूहिक प्रदर्शन ने उसे पहली बार चैंपियन बनाया। अब यह जीत आने वाले सीजन में टीम के लिए आत्मविश्वास और नई उम्मीद लेकर आएगी।

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