Meenakshi Natarajan Nomination: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति, ओमान तट पर भारतीय नागरिकों पर हुए हमले और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) के मुद्दे पर केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों को कड़े आड़े हाथों लिया है। उन्होंने मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज होने को लेकर कांग्रेस के ढीले रवैये पर तीखे सवाल दागे हैं।
राज्यसभा उम्मीदवार का पर्चा खारिज
कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। संजय सिंह ने सीधे कांग्रेस नेतृत्व को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि जब विपक्ष को पहले से पता है कि चुनाव आयोग (EC) का रुख क्या है, तो कांग्रेस ने कोई ‘सपोर्टिंग कैंडिडेट’ (स्थानापन्न उम्मीदवार) क्यों नहीं उतारा?
“जब कांग्रेस और तमाम विपक्षी दलों को यह भली-भांति ज्ञात है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग का झुकाव किस तरफ है, तो आपने बैकअप प्लान क्यों नहीं रखा? राज्यसभा हो या लोकसभा, आज के दौर में एक-एक सांसद की सीट कीमती है, और कांग्रेस की इस चूक की वजह से बीजेपी वहां आसानी से सीट जीत गई।” – संजय सिंह, सांसद (AAP)
संजय सिंह ने कांग्रेस को इस मामले को लेकर तुरंत सुप्रीम कोर्ट जाने की सलाह दी है। उन्होंने साफ कहा कि नामांकन गलत ढंग से खारिज किया गया है, लेकिन कांग्रेस को अपनी रणनीतिक लापरवाही की जिम्मेदारी भी लेनी होगी।
ओमान समुद्री क्षेत्र में मर्चेंट शिप पर हमला
ओमान के तट पर एक वाणिज्यिक जहाज (मर्चेंट शिप) पर हुए हालिया हमले और उसमें तीन भारतीय क्रू मेंबर्स के लापता होने की घटना पर संजय सिंह ने गहरी चिंता व्यक्त की है। जहाज पर कुल 24 भारतीय नागरिक सवार थे। इस मुद्दे पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय दबाव के सामने उनकी कथित चुप्पी पर कड़ा प्रहार किया।
सांसद ने वैश्विक मंच पर भारत के रुख को कमजोर बताते हुए कहा कि अमेरिका और अन्य देश लगातार भारतीयों के साथ कड़ा व्यवहार कर रहे हैं, फिर भी सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि इस हमले को लेकर प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय (MEA) को तुरंत कड़ा राजनयिक विरोध (Diplomatic Protest) दर्ज कराना चाहिए और लापता भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) का विवाद
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में चल रही आतंकी गतिविधियों और वहां के मौजूदा हालातों पर बात करते हुए संजय सिंह ने सरकार के दावों को खोखला बताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार और पूरा देश कहता है कि पीओके हमारा है, तो फिर सरकार उसे वापस अपने नियंत्रण में लेने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठा रही है?
उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना के पराक्रम की बात की और आरोप लगाया कि तत्कालीन अंतरराष्ट्रीय दबाव (ट्रंप प्रशासन) के आगे झुककर जो सीजफायर (युद्धविराम) किया गया, वह देश हित में नहीं था। संजय सिंह ने जोर देकर कहा कि भारत को पीओके की हर हलचल पर पैनी नजर रखनी चाहिए और वहां पनप रहे आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए कड़े और तात्कालिक फैसले लेने की जरूरत है।










