Maharashtra Politics : ऑपरेशन टाइगर पर गरजे संजय राउत! बीजेपी को दी बड़ी चेतावनी

महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा धमाका! उद्धव ठाकरे की पार्टी के सांसदों को तोड़ने के लिए चल रहे 'ऑपरेशन टाइगर' पर संजय राउत ने बीजेपी और अमित शाह को दी विनाशकारी चेतावनी। राउत ने कहा कि अगर उन्होंने टाइगर चलाया तो हम 'ऑपरेशन लांडगा' कर देंगे। क्या महाराष्ट्र में फिर पलटेगी सत्ता?

Maharashtra Politics

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 14, 2026

Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर बेहद आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। मीडिया से बात करते हुए राउत ने सीधे तौर पर सत्तारूढ़ दल को खुली चुनौती दे डाली। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा, “जिस दिन महाराष्ट्र या देश में हमारी सत्ता वापस आएगी, उस दिन भारतीय जनता पार्टी का नामोनिशान नहीं बचेगा। हम उसे राजनीतिक रूप से टुकड़े-टुकड़े कर देंगे।” राउत यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता बदलने के बाद भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं का अपने घरों से सुरक्षित बाहर निकलना भी दूभर हो जाएगा।

मातोश्री पर उद्धव ठाकरे की अहम बैठक

संजय राउत ने मुंबई के बांद्रा पूर्व स्थित पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के निजी आवास ‘मातोश्री’ पर बुलाई गई पार्टी सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। राजनीतिक हलकों में इस बैठक को लेकर चल रही तरह-तरह की अटकलों को खारिज करते हुए राउत ने कहा, “आज पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों की एक बैठक बुलाई है। यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि यह हमारी एक नियमित संगठनात्मक और प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।”

उन्होंने आगे बताया कि जिस तरह समय-समय पर पार्टी विधायकों की बैठकें आयोजित की जाती हैं, ठीक उसी तर्ज पर आज सांसदों की यह बैठक बुलाई गई है। राउत ने दावा किया कि पार्टी के सभी सांसद इस बैठक में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहेंगे और जो सांसद किन्हीं अपरिहार्य कारणों या दूरी की वजह से मुंबई नहीं पहुंच पाए हैं, उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए इस चर्चा से सीधे जोड़ा जाएगा।

‘ऑपरेशन टाइगर’ की हवा हवाई चर्चा

पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र के सियासी गलियारों और मीडिया रिपोर्ट्स में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की गूंज सुनाई दे रही है। इस कथित ऑपरेशन को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ जैसी बातें पिछले दो वर्षों से लगातार मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तैर रही हैं, लेकिन धरातल पर ऐसा कोई ऑपरेशन कभी वजूद में नहीं आया। दरअसल, महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय यह अफवाह जोरों पर है कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ मौजूदा सांसद और वरिष्ठ नेता पाला बदलकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली असली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। राउत ने इन सभी दावों को विपक्षी खेमे की हताशा का प्रतीक और पूरी तरह से निराधार बताया।

मातोश्री पर जुटी भारी सियासी हलचल

भले ही संजय राउत इस बैठक को एक सामान्य और नियमित प्रक्रिया बता रहे हों, लेकिन शिवसेना (यूबीटी) के भीतर अंदरूनी तौर पर सुगबुगाहट तेज है। कुछ सांसदों के पाला बदलने और एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की लगातार आ रही खबरों के बीच ही उद्धव ठाकरे ने अचानक रविवार दोपहर को यह आपातकालीन बैठक बुलाई। पार्टी के ही एक अन्य सांसद ने नाम न छापने की शर्त पर पुष्टि की कि यह बैठक मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए बेहद संवेदनशील समय पर बुलाई गई है। ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत विरोधी खेमे द्वारा उद्धव गुट में बड़ी सेंध लगाने की कोशिशों की खबरों ने महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर भी चिंता बढ़ा दी है।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दावों को किया खारिज

दूसरी तरफ, इस पूरे विवाद और कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे का भी बयान सामने आया है। इस सप्ताह देश की राजधानी दिल्ली में पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सीधे सवाल के जवाब में शिंदे ने इन तमाम कयासों और दावों को सिरे से खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री शिंदे ने बहुत ही परिपक्व कूटनीतिक अंदाज में कहा कि अब चुनाव पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं और राज्य में एक स्थिर सरकार काम कर रही है, इसलिए मौजूदा समय में उन्हें किसी भी तरह के ‘नंबर गेम’ या नए आंकड़ों के खेल की कोई आवश्यकता नहीं है।

आपको बता दें कि संसद में अपने सात सांसदों के मजबूत आंकड़े के साथ एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना, केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तीसरी सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी पार्टी के रूप में स्थापित है।

Read More  :  US Iran Deal : अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर तेहरान में भारी बवाल, विदेश मंत्री अराघची के इस्तीफे की मांग