प्रियंका चतुर्वेदी के पक्ष में संजय राउत का वीटो, उद्धव सेना में आदित्य ठाकरे की योजना रद्द

मुंबई  महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव में विपक्ष महज एक सीट ही जीतने की स्थिति में है। इसके लिए वरिष्ठ नेता शरद पवार का नाम तय हुआ है। 85 वर्षीय लीडर के नाम के ऐलान के लिए जो प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी, उसमें उद्धव सेना का कोई नेता शामिल नहीं था। इसे लेकर कयास लगने लगे तो शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले खुद सामने आईं और कहा कि उद्धव सेना की नाराजगी के सारे दावे गलत हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संजय राउत पहले ही आए थे और शरद पवार से मिलकर भरोसा दे गए थे कि यदि

Wrriten By :

Editor

Published On :

मार्च 5, 2026

मुंबई 

महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव में विपक्ष महज एक सीट ही जीतने की स्थिति में है। इसके लिए वरिष्ठ नेता शरद पवार का नाम तय हुआ है। 85 वर्षीय लीडर के नाम के ऐलान के लिए जो प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी, उसमें उद्धव सेना का कोई नेता शामिल नहीं था। इसे लेकर कयास लगने लगे तो शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले खुद सामने आईं और कहा कि उद्धव सेना की नाराजगी के सारे दावे गलत हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संजय राउत पहले ही आए थे और शरद पवार से मिलकर भरोसा दे गए थे कि यदि आप उम्मीदवार होते हैं तो हम आपके साथ होंगे।

इसके बाद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी लिखा, 'कांग्रेस ने आखिर राज्यसभा में उम्मीदवार फाइन कर लिया। महाविकास अघाड़ी एक है और हम सभी साथ रहेंगे।' यह बात सही है कि संजय राउत लगातार कहते रहे हैं कि शरद पवार को राज्यसभा जाना चाहिए। हालांकि उनके सुर आदित्य ठाकरे से अलग रहे हैं, जो चाहते थे कि प्रियंका चतुर्वेदी को एक मौका और मिलना चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी का कार्यकाल समाप्त हो गया है और उन्हें फिर से मौका नहीं मिला है। वह राज्यसभा में अपने कार्यकाल के आखिरी दिन भावुक भी नजर आई थीं।

इस तरह पूरे प्रकरण को आदित्य ठाकरे और संजय राउत के बीच खींचतान के तौर पर देखा जा रहा है और इसके आधार पर लोग यह भी रहे हैं कि प्रियंका के नाम पर संजय राउत ने वीटो लगा दिया और इस तरह शरद पवार का रास्ता साफ हो गया। पूरे मामले की जानकारी रखने वालों का कहना है कि संजय राउत एक तरह से विजेता बनकर उभरे और उन्होंने उद्धव सेना का एजेंडा तय कर दिया। अब कहा जा रहा है कि उद्धव सेना के खाते में विधान परिषद की सीट आ सकती है। लेकिन पार्टी के एक वर्ग का मानना है कि सबसे बड़ा दल विपक्ष में उद्धव सेना ही है। फिर भी राज्यसभा की सीट एनसीपी-एसपी के खाते में जाना दुखद है।

कांग्रेस का भी था दावा, पर खरगे ने खुद ही किया पीछे हटने का ऐलान

राज्यसभा सीट के लिए तो कांग्रेस ने भी दावा किया था। इस संबंध में राहुल गांधी से भी बात की गई थी, लेकिन अंत में पार्टी शरद पवार के नाम पर ही सहमत हो गई। अब देखना होगा कि एमएलसी सीट पर क्या होता है। अगले महीने ही उद्धव ठाकरे का एमएलसी का कार्यकाल समाप्त होगा। ऐसे में नजरें इस बात पर हैं कि वह रिपीट होंगे या फिर किसी और नेता को उनके स्थान पर मौका दिया जा सकता है।

Leave a Comment