UP Politics: 2027 चुनाव से पहले संजय निषाद का विपक्ष पर हमला, सपा-कांग्रेस को घेरा

गोरखपुर के चौरीचौरा में निषाद पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अपने दोनों बेटों को भाजपा को दान में दे दिया है। 287.56 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के कार्यक्रम में उन्होंने सपा, कांग्रेस और बसपा पर भी गंभीर आरोप लगाए।

UP Politics

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

नवम्बर 1, 2026

Advertisements
728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। इसी बीच निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश से राजनीतिक लुटेरों को हटाने का काम किया है। इस काम में भारतीय जनता पार्टी के साथ निषाद पार्टी भी खड़ी है।

डॉ. संजय निषाद ने ये बातें 1 नवंबर, रविवार को गोरखपुर के चौरीचौरा क्षेत्र स्थित भोपा बाजार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहीं। वह यहां रेल उपरिगामी ओवरब्रिज समेत 287.56 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।

संजय निषाद बोले- अपने दोनों बेटों को भाजपा को दान में दिया

कार्यक्रम के दौरान संजय निषाद का एक बयान खास चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि उनके दोनों बेटे भले ही उनके जैविक पुत्र हैं, लेकिन उन्होंने उन्हें भाजपा को दान में दे दिया है। अब वे भाजपा के पुत्र के रूप में जनता के बीच हैं।

संजय निषाद बोले- अपने दोनों बेटों को भाजपा को दान में दिया

उन्होंने 2019 का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय उन्होंने अपने दोनों बेटों को भाजपा के साथ जोड़ने का फैसला किया था। संजय निषाद के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान भी उन्होंने अपने बेटों को लेकर बात की थी। उन्होंने कहा कि बच्चों को उन्होंने कल्याण और राजनीतिक जिम्मेदारी के उद्देश्य से भाजपा को दिया है। उनके बेटे श्रवण निषाद को लेकर उन्होंने कहा कि वह जैविक रूप से उनके पुत्र जरूर हैं, लेकिन अब भाजपा के पुत्र के रूप में जनता के बीच काम कर रहे हैं।

सपा-कांग्रेस-बसपा पर लगाया यूपी को लूटने का आरोप

निषाद पार्टी के अध्यक्ष ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों के शासन में उत्तर प्रदेश को लूटा गया। उन्होंने चौरीचौरा की जनता से अपील की कि वह किसी के बहकावे में न आए और ऐसे लोगों को दोबारा मौका न दे। संजय निषाद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश में बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और निषाद पार्टी मिलकर प्रदेश में विकास और जनता के सम्मान के लिए काम कर रही हैं।

728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

चौरीचौरा की धरती से अंग्रेजों के खिलाफ शुरू हुई थी लड़ाई

अपने संबोधन में संजय निषाद ने चौरीचौरा के ऐतिहासिक महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह वही धरती है, जहां से अंग्रेजों को भगाने की लड़ाई को नई दिशा मिली थी। उन्होंने कहा कि अगर देश के लोगों ने बलिदान नहीं दिया होता, तो अंग्रेज लंबे समय तक देश पर राज करते और यहां से संसाधन लूटकर ले जाते।

चौरीचौरा की धरती से अंग्रेजों के खिलाफ शुरू हुई थी लड़ाई

उन्होंने कहा कि चौरीचौरा की धरती ने अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश दिया है। इस संघर्ष में हर जाति और धर्म के लोगों का योगदान रहा। इसलिए क्षेत्र की जनता को उन बलिदानों को हमेशा याद रखना चाहिए।

तुष्टिकरण की राजनीति पर भी उठाए सवाल

कैबिनेट मंत्री ने पिछली सरकारों पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में एक विशेष वर्ग को सम्मान मिलता था, जबकि दूसरे वर्ग के लोगों को अपमान का सामना करना पड़ता था। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई अलग आंकड़ा पेश नहीं किया। संजय निषाद ने कहा कि मौजूदा सरकार का नारा ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ है। उनके मुताबिक, सरकार हर जाति, धर्म और वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने और सभी के विकास के लिए काम कर रही है।

2027 चुनाव से पहले गठबंधन और राजनीतिक बयानबाजी तेज

संजय निषाद का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। भाजपा और निषाद पार्टी के गठबंधन को लेकर दिए गए उनके बयान से साफ है कि वह आगामी चुनाव से पहले गठबंधन की एकजुटता और सरकार के कामकाज को जनता के सामने रखना चाहते हैं। वहीं, विपक्षी दलों पर उनके हमले से प्रदेश की सियासत में बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

2