Moeed Khan Case: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर संवेदनशीलता खोने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह विवाद अयोध्या के चर्चित गैंगरेप मामले के आरोपी मोईद खान की रिहाई और उसके बाद अखिलेश यादव द्वारा उनसे की गई बातचीत को लेकर शुरू हुआ है।
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मोईद खान से अखिलेश की बातचीत पर उठा विवाद
बताते चले कि, संजय निषाद ने अखिलेश यादव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि निषाद समाज की एक मासूम बेटी के साथ हुई दरिंदगी के मामले में सपा प्रमुख का रवैया बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जैसे ही मोईद खान जेल से बाहर आए, अखिलेश यादव ने तुरंत फोन पर उनसे बात की। निषाद ने तंज कसते हुए पूछा, “अखिलेश जी, आपको इतनी क्या जल्दी थी? क्या आपको एक पीड़ित बेटी के सम्मान से ज्यादा मुस्लिम वोट बैंक की चिंता है? कम से कम कुछ समय तो रुक सकते थे।”
पीडीए के नारों पर सवाल और दलित-पिछड़ा कार्ड
मंत्री संजय निषाद ने अखिलेश यादव के बहुचर्चित ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने पूछा कि क्या अखिलेश का पीडीए केवल मुसलमानों के हितों तक सीमित है? उन्होंने कहा कि जब निषाद समाज (पिछड़ा वर्ग) की बेटी के साथ अत्याचार हुआ, तो सपा प्रमुख को कोई हमदर्दी नहीं हुई। संजय निषाद के अनुसार, विपक्ष के नेता केवल खास वर्ग के आरोपियों के बचाव में खड़े नजर आते हैं, जबकि दलितों और पिछड़ों की बेटियों की सुरक्षा उनके लिए प्राथमिकता नहीं है।
अयोध्या गैंगरेप मामला
आपको बता दे कि, यह पूरा मामला 29 जुलाई 2024 का है, जब अयोध्या के पूरा कलंदर इलाके में एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। इस केस में सपा नेता मोईद खान और उनकी बेकरी के कर्मचारी राजू खान को मुख्य आरोपी बनाया गया था। जनवरी 2026 में अदालत ने अपना फैसला सुनाया। डीएनए टेस्ट (DNA Test) रिपोर्ट में मोईद खान का सैंपल मैच नहीं हुआ, जिसके आधार पर उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया। वहीं, राजू खान का डीएनए टेस्ट पॉजिटिव आने के कारण उसे दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।
मोईद खान की रिहाई के खिलाफ HC जाएगी सरकार
संजय निषाद ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को यहीं नहीं छोड़ेगी। उन्होंने घोषणा की कि मोईद खान को मिली क्लीन चिट के खिलाफ वे हाईकोर्ट (High Court) में अपील करेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि इस मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए मोईद खान की बेकरी पर बुलडोजर भी चलाया था। निषाद ने कहा कि न्याय की लड़ाई जारी रहेगी और पीड़ित बेटी को पूरा इंसाफ दिलाने के लिए सरकार कानूनी विकल्प खंगालेगी।
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