स्वच्छता के नायक इंदरजीत सिद्धू को पद्मश्री, प्रधानमंत्री मोदी ने की जमकर तारीफ

चंडीगढ़  कभी पुलिस की वर्दी में कानून-व्यवस्था संभालने वाले 88 वर्षीय पूर्व आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू आज अपने हाथों में झाड़ू लेकर शहर को स्वच्छ बनाने के मिशन में जुटे हैं। उनकी इसी लगन ने न केवल देश को प्रभावित किया बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके काम के कायल हो गए।  पद्मश्री सम्मान समारोह के दौरान जब प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री आमने-सामने थे तो पीएम ने इंदरजीत सिंह सिद्धू की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘देखो, इन्होंने पूरा चंडीगढ़ साफ कर दिया।’ इस पर सिद्धू ने विनम्रता से जवाब दिया, ‘सफाई तो आप लोग कर रहे हैं,

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Published On :

जून 24, 2026

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चंडीगढ़ 

कभी पुलिस की वर्दी में कानून-व्यवस्था संभालने वाले 88 वर्षीय पूर्व आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू आज अपने हाथों में झाड़ू लेकर शहर को स्वच्छ बनाने के मिशन में जुटे हैं। उनकी इसी लगन ने न केवल देश को प्रभावित किया बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके काम के कायल हो गए। 

पद्मश्री सम्मान समारोह के दौरान जब प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री आमने-सामने थे तो पीएम ने इंदरजीत सिंह सिद्धू की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘देखो, इन्होंने पूरा चंडीगढ़ साफ कर दिया।’ इस पर सिद्धू ने विनम्रता से जवाब दिया, ‘सफाई तो आप लोग कर रहे हैं, मेरा तो इसमें थोड़ा-सा योगदान है।’ यह जानकारी उनके बेटे अमोलदीप सिंह सिद्धू ने अमर उजाला से बातचीत में साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनके पिता के कार्यों की खुलकर सराहना की और उनसे कुछ समय तक चर्चा भी की। 

रोज सुबह झाड़ू लेकर निकलते हैं सिद्धू
समाज सेवा और स्वच्छता के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंदरजीत सिंह सिद्धू को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से नवाजा है। उन्हें यह सम्मान अनाम नायकों की श्रेणी में दिया गया। वर्ष 1996 में आईपीएस सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद सिद्धू ने आराम की जिंदगी नहीं चुनी।

सेक्टर-49 में फैली गंदगी और कचरे को देखकर उन्होंने खुद सफाई की जिम्मेदारी उठाई। तब से वह रोज सुबह छह बजे झाड़ू और साइकिल रेहड़ी लेकर सड़कों, पार्कों और नालियों की सफाई के लिए निकल पड़ते हैं। हैरानी की बात यह है कि हाल ही में सड़क हादसे में घायल होने और पैर में चोट लगने के बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा। लाठी के सहारे भी उन्होंने अपना सफाई अभियान जारी रखा। यही जज्बा आज उन्हें चंडीगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा का प्रतीक बना रहा है।

‘दादा मेरे हीरो हैं’, पद्मश्री समारोह के लिए अमेरिका से लौटी पोती
अमेरिका में लॉ की पढ़ाई करने गई इंदरजीत सिंह सिद्धू की पोती सुखम कौर सिद्धू भी अमेरिका से दादा को अवाॅर्ड लेते देखना चाहती थीं। उनका टिकट काफी बाद का था पर उसको रद्द करवाकर वह जल्दी आ गईं। पोती ने कहा, ‘दादा उनके हीरो हैं और वह भी समाज के लिए कुछ खास करना चाहती हैं।’ उनके साथ ही उनकी बेटी की बेटी डॉ. सरगम बराड़ और उनके पति गुरप्रीत सिंह बराड़ भी उनको अवार्ड लेते देखने के लिए पहुंच गए थे। 

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