Samrat Chaudhary News: बिहार की राजनीति में इन दिनों एक वायरल वीडियो चर्चा का केंद्र बना हुआ है। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक खास अंदाज ने विपक्षी दलों को हमला करने का मौका दे दिया है। आरजेडी और कांग्रेस इस वीडियो को आधार बनाकर सरकार पर निशाना साध रही हैं।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बताते चले कि, बिहार विधानसभा की कार्यवाही का एक छोटा सा हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी अपने एक हाथ से दूसरे हाथ को ढंकते हुए कुछ चेहरे के करीब ले जाते और मुंह में डालते नजर आ रहे हैं। उनके हाथ चलाने के इसी ‘देसी अंदाज’ को विपक्षी दल ‘खैनी (तंबाकू) बनाने और खाने’ की प्रक्रिया बता रहे हैं। हालांकि, वीडियो की फुटेज इतनी स्पष्ट नहीं है कि यह दावे के साथ कहा जा सके कि उनके हाथ में क्या था, लेकिन कैमरे के सामने उनके इस व्यवहार ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
विपक्ष की घेराबंदी
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया और अपने आधिकारिक X हैंडल से वीडियो साझा करते हुए चुटकी ली। आरजेडी ने इसे “सदन में खैनी खाने की निंजा तकनीक” करार दिया। वहीं, कांग्रेस भी इस मामले में पीछे नहीं रही। कांग्रेस ने वीडियो क्लिप के साथ प्रसिद्ध भोजपुरी गाने ‘बनावो खैनी रे…’ को जोड़कर इसे और हवा दी। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब सदन में नीतिगत विषयों पर चर्चा होनी चाहिए, तब सरकार के शीर्ष पदों पर बैठे व्यक्ति इस तरह का आचरण कर रहे हैं।
डिजिटल मंचों पर छिड़ी जंग
सिर्फ राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि आम सोशल मीडिया यूजर्स भी इस वीडियो पर खुलकर अपनी राय रख रहे हैं। कई यूजर्स का आरोप है कि सम्राट चौधरी को अच्छी तरह पता था कि वे कैमरे की निगरानी में हैं, फिर भी उन्होंने इस तरह की हरकत की। कमेंट सेक्शन में लोग सदन की मर्यादा और जन प्रतिनिधियों के व्यवहार को लेकर तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि वीडियो में कुछ भी ठोस दिखाई नहीं दे रहा है और यह केवल अनुमानों पर आधारित विवाद है।
सत्ता पक्ष का पलटवार
इन आरोपों के बाद सत्ताधारी गठबंधन (NDA) भी बचाव में उतर आया है। बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने विपक्षी हमलों को ‘हताशा का प्रतीक’ बताया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे इस तरह की ओछी राजनीति कर रहे हैं। दूसरी ओर, जेडीयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के वीडियो को टूल की तरह इस्तेमाल कर रहा है।
दावों और हकीकत के बीच फंसा विवाद
फिलहाल, इस वायरल वीडियो ने बिहार की सियासत में ‘खैनी’ को एक बड़ा मुद्दा बना दिया है। जहाँ विपक्ष इसे सदन की अवमानना और अनुशासनहीनता बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे एक सामान्य शारीरिक क्रिया या महज एक संयोग करार दे रहा है।
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