Rupee vs Dollar Today : डॉलर के मुकाबले रुपए में रिकॉर्ड बढ़त, 5 दिनों में जबरदस्त उछाल

विदेशी बाजारों में डॉलर की नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच भारतीय रुपए ने पिछले 5 दिनों में शानदार रिकवरी की है। रिकॉर्ड निचले स्तर 95.40 को छूने के बाद, रुपया अब 94.20 के स्तर पर वापस आ गया है। क्या यह मजबूती लंबी टिकेगी?

Rupee vs Dollar Today

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 9, 2026

Rupee vs Dollar Today : मई महीने की शुरुआत भारतीय मुद्रा के लिए बेहद शानदार रही है। वैश्विक स्तर पर जारी उथल-पुथल और पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण माहौल के बावजूद, भारतीय रुपए ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जबरदस्त मजबूती का प्रदर्शन किया है। पिछले मात्र पांच कारोबारी सत्रों में रुपए के मूल्य में 1.25 प्रतिशत से अधिक का इजाफा दर्ज किया गया है। यह रिकवरी उस समय आई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

चुनौतियों के बीच रुपए की छलांग: 1.33 रुपए की कुल बढ़त

मई के शुरुआती हफ्ते में रुपए ने अपनी पिछली गिरावट को पीछे छोड़ते हुए 1.33 रुपए की कुल बढ़त हासिल की है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले महीने के आखिरी कारोबारी दिन रुपया 94.84 के स्तर पर बंद हुआ था, लेकिन 8 मई तक यह सुधरकर 93.51 के स्तर पर आ गया। प्रतिशत के लिहाज से यह 1.40% की वृद्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि रुपए की इस मजबूती के पीछे कच्चे तेल के दामों में आई अस्थायी गिरावट और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मुद्रा बाजार में किया गया सक्रिय हस्तक्षेप मुख्य कारण हैं।

कच्चे तेल की कीमतों का असर और वैश्विक अस्थिरता

इस हफ्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों ने रुपए को काफी सहारा दिया। खाड़ी देशों का कच्चा तेल एक समय 115 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर से गिरकर 96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। हालांकि, शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड फिर से 100 डॉलर के स्तर पर देखा गया, लेकिन सप्ताह के दौरान आई कमी ने भारतीय मुद्रा को राहत प्रदान की। दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी जुबानी जंग और हमलों ने निवेशकों को सतर्क रखा है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है।

मई महीने का रिपोर्ट कार्ड: कब आई तेजी और कब गिरावट

मई महीने के पांच कारोबारी दिनों में से चार दिन रुपए में बढ़त देखी गई। केवल 4 मई को रुपए में 39 पैसे की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद 5 मई को 5 पैसे, 6 मई को 69 पैसे, 7 मई को 27 पैसे और अंततः 8 मई को 71 पैसे की जोरदार तेजी आई। विशेष रूप से शुक्रवार को रुपया 94.58 पर खुलने और एक समय 94.68 के निचले स्तर तक जाने के बाद जबरदस्त रिकवरी करते हुए 93.51 पर बंद हुआ। यह सुधार दर्शाता है कि घरेलू बाजार में भारतीय मुद्रा के प्रति भरोसा बढ़ रहा है।

शेयर बाजार और विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति

करेंसी मार्केट में तेजी के उलट, घरेलू शेयर बाजार शुक्रवार को दबाव में दिखा। सेंसेक्स 516 अंक और निफ्टी 150 अंक गिरकर बंद हुए। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी इस दौरान 4,110.60 करोड़ रुपये की बिकवाली की। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 1 मई को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.794 अरब डॉलर घटकर 690.693 अरब डॉलर रह गया है। भंडार में यह कमी रुपए को स्थिर बनाए रखने के लिए केंद्रीय बैंक द्वारा किए गए प्रयासों का संकेत हो सकती है।

भविष्य का अनुमान: जानकारों की राय

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में रुपए की चाल भू-राजनीतिक तनावों और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। जानकारों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और विदेशी निवेशकों की संभावित बिकवाली से रुपए पर थोड़ा दबाव बन सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में USD-INR स्पॉट प्राइस 94.10 से 94.90 के दायरे में रह सकता है। ट्रेडर्स की नजर अब अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और मध्य-पूर्व शांति समझौते की संभावनाओं पर टिकी है।

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